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Maharashtra Election 2024: चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, MVA और महायुति की ताबड़तोड़ रैलियां, इन दिग्गजों की किस्मत का होगा फैसला

Maharashtra Vidhan Sabha Chunav 2024 Updates: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। महायुति की तरफ से भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा तीन रैलियां करेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी गोंदिया और नागपुर में चुनाव प्रचार करने वाले हैं। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी मुंबई में 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इसके अलावा उद्धव ठाकरे, शरद पवार, आदित्य ठाकरे भी एमवीए प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगेंगे।

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महाराष्ट्र चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज।

Maharashtra Vidhan Sabha Chunav Updates: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। आज शाम से महाराष्ट्र की सभी 288 सीटों पर प्रचार का शोर थम जाएगा। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। महायुति और एमवीए की ओर से तोबड़तोड़ रैलियां करके मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है, तो वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी-अपनी विधानसभा में डेरा जमा लिया है। बात दें, महाराष्ट्र में 20 नवंबर को मतदान होंगे और 23 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

महायुति की तरफ से भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा तीन रैलियां करेंगे। वह ठाणे, सोलापुर और अहमदनगर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी गोंदिया और नागपुर में चुनाव प्रचार करने वाले हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मुंबई में 3 रोड शो करेंगे।

महाविकास अघाड़ी की ये तैयारी

महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी मुंबई में 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इसके अलावा उद्धव ठाकरे, शरद पवार, आदित्य ठाकरे भी एमवीए प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगेंगे। इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने नागपुर में रोडशो कर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में वोट की अपील की। दूसरी तरफ महायुति ने एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस, स्मृति ईरानी, शिवरोज चौहान, अजित पवार को भी मैदान में उतारा है।

इन दिग्गजों की किस्मत दांव पर

महाराष्ट्र की 288 सीटों वाली विधानसभा चुनाव के लिए कई दिग्गज मैदान में हैं। इसमें सीएम से लेकर डिप्टी सीएम तक अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बड़े नामों का रुख करेंगे तो कोपरी पचपाखड़ी से एकनाथ शिंदे, वर्ली से आदित्य ठाकरे, माहिम से अमित ठाकरे, बारामती से अजित पवार, नागपुर दक्षिण-पश्चिम से देवेंद्र फड़णवीस, मुंबा देवी से शाइना एनसी, ढिंढोशी से संजय निरूपम, संगमनेर से बाला साहब थोराट और मुंबई की मानखुर्द शिवाजी नगर से नवाब मलिक मैदान में हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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