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महाराष्ट्र में टूट की कगार पर INDIA गठबंधन, MVA में सीट न मिलने पर सपा बिगाड़ेगी कांग्रेस का खेल!

Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आजमी ने कहा, मैं नहीं चाहता कि एमवीए टूटे और वोट बंटें, लेकिन अगर वे हमारी बात नहीं सुनते हैं तो हमारे पास अकेले चुनाव लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

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समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष अबू आजमी।

Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन में दरार पड़ती दिख रही है। समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष अबू आजमी ने कहा है कि महाविकास अघाड़ी की तरफ से सीट बंटवारे पर अब बहुत देर हो चुकी है। हम एक से दो दिन में अपना फैसला ले लेंगे। उन्होंने कहा, इस बाबत सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मेरी बात हुई है और उन्होंने मुझे फैसला लेने का पूरा अधिकार दिया है।

इससे पहले अबू आजमी ने कहा था कि सपा ने महा विकास अघाड़ी से पांच सीटों की मांग की थी और 26 अक्टूबर शाम 5 बजे तक इस पर फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया गया था। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सपा महाराष्ट्र में 25 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।

फिर हुआ विश्वासघात तो...

महा विकास अघाड़ी के साथ सीट बंटवारे पर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने कहा, हमने कल शरद पवार से बात की थी। उन्होंने कहा कि हम आज फैसला करेंगे लेकिन मुझे आज कोई कॉल नहीं आया। मैं जिन सीटों की मांग कर रहा था, उनकी घोषणा की जा रही है। मुझे लगता है कि हमें पिछले दो कार्यकालों की तरह इस बार भी हमें विश्वासघात का सामना करना पड़ेगा। ऐसा लगता है कि वे समाजवादी पार्टी को सीटें नहीं देना चाहते हैं। मैं नहीं चाहता कि एमवीए टूटे और वोट बंटें, लेकिन अगर वे हमारी बात नहीं सुनते हैं तो हमारे पास अकेले चुनाव लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। अबू आजमी ने आगे कहा, मैंने अखिलेश यादव से बात की है और उन्होंने मुझे पूरा अधिकार दिया है। हम कांग्रेस की तरह नहीं हैं जहां बड़े नेताओं को भी हर चीज के लिए अनुमति लेने के लिए दिल्ली जाना पड़ता है, जिससे देरी हो रही है। पहले ही देर हो चुकी है, बस दो दिन बचे हैं। मैं इन दो दिनों में अपना फैसला लूंगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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