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Maharashtra Election Result 2024: हारते-हारते बचे नाना पटोले, दिग्गजों का भी यही हाल; जानें महाराष्ट्र में सबसे अधिक और सबसे कम वोटों से जीतने वाले उम्मीदवार

Maharashtra Assembly Election Result: महाराष्ट्र में महायुति की सुनामी में बड़े-बड़े दिग्गजों के किले तक हिल गए। इसमें सबसे बड़ा नाम कांग्रेस नेता व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का है। साकोली विधानसभा सीट से उतरे नाना पटोले महज 208 वोटों से जीत दर्ज कर अपनी सीट बचा जाए।

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव रिजल्ट।

Maharashtra Assembly Election Result: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। बीजेपी नीत महायुति ने इस चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की है। महायुति में शामिल बीजेपी यहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 132 सीटों पर जीत दर्ज की। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 57 व अजित पवार की एनसीपी को 41 सीटों पर जीत मिली है। वहीं, इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का बुरा हाल हुआ और करीब 49 सीटों पर ही जीत हासिल कर सका।

महाराष्ट्र में महायुति की सुनामी में बड़े-बड़े दिग्गजों के किले तक हिल गए। इसमें सबसे बड़ा नाम कांग्रेस नेता व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का है। साकोली विधानसभा सीट से उतरे नाना पटोले महज 208 वोटों से जीत दर्ज कर अपनी सीट बचा जाए तो वहीं मालेगांव सेंट्रल से मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल अब्दुल खलीक ने 162 वोटों से जीत दर्ज की

सबसे अधिक वोटों से जीतने वाले उम्मीदवार

उम्मीदवारनिर्वाचन क्षेत्रपार्टीविरोधी पार्टीजीत का अंतर
काशीराम वेचन पवारशिरपुरबीजेपीनिर्दलीय1,45,944 वोट
शिवेंद्रराजे अभयसिंहराजे भोसलेसताराबीजेपीशिवसेना (यूबीटी)1,42,124 वोट
धनंजय मुंडेपरलीएनसीपी (अजित पवार गुट)राजासाहेब देशमुख (एनसीपी)1,40,224 वोट
दिलीप बोर्सेबागलानबीजेपीदीपीका चव्हाण (एनसीपी SP)1,29,297 वोट
अशुतोष कालेकोपरगांवएनसीपीसंदीप वर्पे (एनसीपी SP)1,24,624 वोट
एकनाथ शिंदेकोपरी-पचपखाड़ीशिवसेना (शिंदे गुट)शिवसेना (यूबीटी)1,20,717 वोट

सबसे कम वोट से जीतने वाले उम्मीदवार

सीट का नामविजयी उम्मीदवारपार्टीहारे हुए उम्मीदवारजीत का अंतर
मालेगांव सेंट्रलमुफ्ती मोहम्मद इस्माइल अब्दुल खलीकएआईएमआईएमआसिफ शेख रशीद (इस्लाम पार्टी) 162 वोट
साकोलीनाना पटोलेकांग्रेसअविनाश अननराव ब्रह्मंकर (बीजेपी)208 वोट
बेलापुरमंदा विजय म्हात्रेभारतीय जनता पार्टीसंदीप गणेश नाइक (एनसीपी - शरद पवार)377 वोट
बुलढाणागायकवाड़ संजय रामभाऊशिवसेना (शिंदे गुट)जयश्री सुनील शेल्के शिवसेना (यूबीटी)841 वोट
नवापुरशिरीषकुमार नाइककांग्रेसशरद कृष्णराव गवित (निर्दलीय)1,121 वोट
Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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