Lormi CG (Chhattisgarh) Chunav Election Result 2023: छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के नतीजे आज आ जाएंगे। वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हो चुकी और अब रुझान आने शुरू हो जाएंगे। इस बार के विधानसभा चुनाव में कई दिग्गज चुनावी मैदान में हैं। प्रदेश की लोरमी विधानसभा सीट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। मुंगेली जिले की लोरमी विधानसभा सीट से बीजेपी ने लोकसभा सांसद अरुण साव को चुनावी समर में उतारा है। उन्हें कांग्रेस के थानेश्वर साहू चुनौती दे रहे हैं। खास बात यह है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCCJ) के प्रत्याशी धरमजीत सिंह ने इस सीट पर जीत का पताका लहराया था। इस जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी ने इस बार सागर सिंह बैस को चुनावी मैदान में उतारा है।
| क्रमांक | प्रत्याशी | पार्टी | वोट | परिणाम |
| 1 | अरुण साव | भाजपा | आगे | |
| 2 | थानेश्वर साहू | कांग्रेस | पीछे | |
| 3 | सागर सिंह बैस | जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ | पीछे |
2018 चुनाव के नतीजे
2018 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के धरमजीत सिंह को 67,742 वोट मिले थे। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के तोखन साहू के खाते में 42,189 वोट आए थे। जबकि कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी और उसके उम्मीदवार को 16,669 वोट मिले थे। धरमजीत सिंह ने 25,553 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। लोरमी विधानसभा सीट बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत आती है और यहीं से सांसद अरुण साव को बीजेपी ने चुनावी रण में उतारा है।क्या कहते हैं पुराने परिणाम
लोरमी विधानसभा सीट के पिछले 3 चुनावों के नतीजों पर नजर डालें, तो हर बार दूसरी पार्टी को जीत मिली है। 2008 में कांग्रेस ने यहां से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस धरमजीत सिंह ने बीजेपी के उम्मीदवार जवाहर साहू को 4,989 मतों के अंतर से हराया था। 2013 के चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी तोखन साहू को जीत मिली थी। तोखन साहू ने कांग्रेस के उम्मीदवार धरमजीत सिंह को जोरदार मुकाबले में मात दी थी। 2018 के चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर धरमजीत सिंह जेजेपी का हाथ थाम लिया और उसकी टिकट पर ही जीतकर विधानसभा पहुंचे।
मतदताओं की संख्या
लोरमी विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 42 हजार 744 मतदाता हैं, जिनमें 1 लाख 10 हजार 743 पुरुष, 1 लाख 6 हजार 575 महिला और 6 थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल हैं। इस सीट पर ओबीसी वर्ग के वोटोरों की संख्या अधिक है। जबकि एससी/एसटी वर्ग के मतदाताओं की भी निर्णायक भूमिका होती है। पिछले विधानसभा चुनाव में 68 सीटें जीतकर कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे।
