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Lok Sabha Chunav: चौथे चरण की 96 सीटों पर थम गया प्रचार, अखिलेश-ओवैसी समेत इन दिग्गजों की किस्मत का फैसला कल

Lok Sabha Election Phase 4 Voting: लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 96 सीटों पर कल वोटिंग होगी। इस चरण में अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी, अजय कुमार मिश्रा (टेनी), पंकजा मुंडे, वाईएस शर्मिला, अधीर रंजन चौधरी व महुआ मोइत्रा जैसे दिग्गज चुनावी मैदान में हैं। चौथे चरण में तेलंगाना की 17, आंध्र प्रदेश की 25, उत्तर प्रदेश की 13, बिहार की 5, झारखंड की 4, मध्य प्रदेश की 8, महाराष्ट्र की 11, ओडिशा की 4 और पश्चिम बंगाल की 8 एवं जम्मू कश्मीर की एक लोकसभा सीट (श्रीनगर) में मतदान होने हैं।

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लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में ये दिग्गज मैदान में

Photo : Times Now Digital

Lok Sabha Election Phase 4 Voting: देश में हो रहे लोकसभा चुनाव अपने चौथे चरण में पहुंच चुके हैं। शनिवार शाम को 10 राज्यों की 96 सीटों पर चुनाव प्रचार पूरी तरह थम गया, कल (13 मई) को इन सीटों पर मतदान होना है। इसमें तेलंगाना की 17, आंध्र प्रदेश की 25, उत्तर प्रदेश की 13, बिहार की 5, झारखंड की 4, मध्य प्रदेश की 8, महाराष्ट्र की 11, ओडिशा की 4 और पश्चिम बंगाल की 8 एवं जम्मू कश्मीर की एक लोकसभा सीट (श्रीनगर) शामिल हैं। भाजपा नीत राजग के इन 96 लोकसभा सीट में से 40 से अधिक पर वर्तमान में सांसद हैं। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश की 175 सीटों पर विधानसभा चुनाव भी सोमवार को होने हैं।

लोकसभा चुनाव के इस चौथे चरण में आरक्षण, तुष्टिकरण नीति, भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दे चुनाव प्रचार में छाए रहे। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रौदा द्वारा भारतीयों के बारे में दिये गये नस्लीय टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर प्रहार किया। उन्होंने इंडिया गठबंधन के दलों पर हिंदू विरोधी होने तथा लूट एवं तुष्टिकरण में लगे रहने एवं वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। तो वहीं, कांग्रेस ने मोदी के टेंपो में नोटो की गड्डियां भरकर भेजने संबंधी बयान को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। इसके साथ ही इंडिया गठंधन ने संविधान एवं आरक्षण की रक्षा करने के मुद्दे पर अपना आक्रामक तेवर जारी रखा।

यूपी की तीन हॉट सीटों पर चुनाव

चौथे चरण के चुनाव में कई दिग्गज किस्मत आजमा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से उम्मीदवार समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का है। उनके खिलाफ भाजपा के सुब्रत पाठक ताल ठोंक रहे हैं। वहीं उन्नाव में निवर्तमान सांसद साक्षी महाराज का सपा की अनु टंडन से टक्कर है। केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा भी उत्तर प्रदेश की खीरी सीट से हैट्रिक बनाने की जुगत में हैं। उनका बेटा 2021 के लखीमपुरी हिंसा कांड में आरोपी है।

इन सीटों पर भी दिग्गज मैदान में

इस चरण में बिहार के बेगूसराय से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह उजियारपुर से नित्यानंद राय भी मैदान में हैं। तो वहीं, पश्चिम बंगाल की बहरामपुर से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी भी एक बार फिर किस्मत आजमा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की ही कृष्णानगर सीट से तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा भी एकबार फिर से संसद पहुंचने के प्रयास में लगी हुई हैं, उन्हें कैश फॉर क्वैरी मामले में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। इसके अलावा हैदराबाद की तेलंगाना सीट से एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, महाराष्ट्र की बीड से पंकजा मुंडे, आंध्र प्रदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई एस शर्मिला कडपा सीट से चुनाव मैदान में हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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