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'छुट्टियों की तैयारी में राहुल, तेजस्वी देखेंगे जमानत का काम...' PM Modi का विपक्ष पर बड़ा हमला

PM Modi Buxar Rally: बिहार के बक्सर में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, अब सारे शहजादों का शटर गिरने वाला है। बिहार के शहजादे अब आराम से जमानत, जमानत का काम देखेंगे। कांग्रेस के शहजादे ने भी छुट्टियों की तैयारी शुरू कर दी है। यूपी के शहजादे को तो शायद सदमा लग गया है।

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PM Modi (45)

Photo : Twitter

PM Modi Buxar Rally: लोकसभा चुनाव के छठे चरण की वोटिंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के बक्सर पहुंचे। यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, आज छठे चरण का मतदान है। तेज गति से लोग लोकतंत्र का उत्सव मना रहे हैं और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने कहा, आज जो मतदान हो रहा है, इससे इंडी गठबंधन की सारी हवा निकल चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जो पांच चरण का मतदान पूरा हुआ है और आज जो छठे चरण में चीजें नजर आ रही हैं, उसमें साफ दिखता है कि अब सारे शहजादों का शटर गिरने वाला है। बिहार के शहजादे अब आराम से जमानत, जमानत का काम देखेंगे। कांग्रेस के शहजादे ने भी छुट्टियों की तैयारी शुरू कर दी है। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, यूपी के शहजादे को तो शायद सदमा लग गया है। वो कल कह रहे थे कि बनारस में मोदी चुनाव हारने वाला है, उन्होंने यह भी कह दिया कि यूपी में 80 की 80 सीटें इंडी गठबंधन जीत रहा है। ये बातें सुनकर उनकी पार्टी के लोग भी हंस रहे थे।

वो कौन लोग थे जो प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार कर रहे थे?

विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, 500 साल बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना और आप सबका सपना पूरा हुआ, कितना गर्व हुआ। लेकिन जब पूरा देश उत्सव मना रहा था, जब बक्सर के लोग रामलला के लिए उपहार भेज रहे थे, तब वो कौन लोग थे जो प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार कर रहे थे। ये वही कांग्रेस-आरजेडी और इंडी गठबंधन वाले लोग हैं, जो हर पवित्र कार्य में विघ्न डालते हैं।

देश को अपनी जागीर समझती है कांग्रेस

पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस देश को अपनी जागीर समझती है, उसको लगता है कि शहजादे ही इकलौते वारिस हैं। लेकिन गठबंधन वाले कह रहे हैं कि 5 साल में 5 प्रधानमंत्री बनेंगे। क्या इतना बड़ा देश ऐसे चल सकता है क्या? प्रधानमंत्री ने कहा, भ्रष्टाचार इनके संस्कारों में इतने गहरे तक बैठा है, ये देश को भी नोटों की गड्डी के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा, इंडी गठबंधन वाले वोट इसलिए मांग रहे हैं क्योंकि वो CAA को रद्द करना चाहते हैं, वो घुसपैठियों को फ्री इंट्री दिलाना चाहते हैं, वो कश्मीर से 370 वापिस लाना चाहते हैं। ये इंडी गठबंधन वाले तुष्टिकरण के लिए, अपने वोटबैंक के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इन्हें आपकी संपत्ति की एक्स-रे जांच करवानी है।

बिहार ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए

पीएम मोदी ने कहा, बिहार ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। बिहार अब विकास के रास्ते से हटने वाला नहीं है। हमारे बिहार ने बहुत सालों तक जंगलराज का आतंक देखा है। मैं हमारे फर्स्ट टाइम वोटर को जंगलराज पार्ट-2 से सावधान करना चाहता हूं। यह वो समय था जब अपहरण, हत्या और डकैती बिहार का दुर्भाग्य बन गया था। नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार जंगलराज से बिहार को बाहर लेकर आई है। अगर, गलती से भी इंडी गठबंधन वाले मजबूत होते दिखेंगे तो गुंडे- बदमाशों को दाना-पानी मिलेगा और एक बार फिर ये बाहर आ जाएंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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