इलेक्शन

Lok Sabha Election 2024: पप्पू यादव ने RJD की बढ़ाई मुश्किलें, बीमा भारती के खिलाफ पूर्णिया से चुनाव लड़ने का किया एलान

Lok Sabha Election 2024: पप्पू यादव ने हाल ही में अपनी जनाधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था। महागठबंधन में सीट बंटवारे के बाद पूर्णिया सीट राजद के कोटे में भले ही चली गई हो, लेकिन हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले पूर्व सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया से चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Image

पप्पू यादव पूर्णिया से चुनावी मैदान में उतरने को तैयार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति गर्म है। इस चुनाव में अब तक सबसे हॉट सीट पूर्णिया बनी हुई है। महागठबंधन में सीट बंटवारे के बाद यह सीट राजद के कोटे में भले ही चली गई हो, लेकिन हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले पूर्व सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया से चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

राजद ने पूर्णिया लोकसभा सीट पर जदयू से आयी बीमा भारती को उम्मीदवार बनाया है। पप्पू यादव कार्यालय के अनुसार, वो दो अप्रैल को नामांकन दाखिल करेंगे। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि वे बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे या राजद और कांग्रेस का यहां दोस्ताना संघर्ष होगा। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं कि ये सीट राजद के कोटे में चली गई है, हम कुछ नहीं कर सकते। माना जा रहा है कि दोनों ही स्थिति में महागठबंधन को परेशानी उठानी पड़ेगी। इसमें कोई दो मत नहीं है कि पप्पू के सीमांचल इलाके में अच्छी पैठ है। पिछले एक वर्ष से वे पूर्णिया में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। 'प्रणाम पूर्णिया' अभियान के तहत वो गांव-गांव तक पहुंचे।

पप्पू यादव महागठबंधन के वोट बैंक में लगाएंगे सेंध

कांग्रेस में अपनी जन अधिकार पार्टी का विलय करने के बाद पप्पू यादव पूर्णिया को अपनी प्रतिष्ठा की सीट मान चुके हैं और इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। पप्पू यादव 1990 में पहली बार मधेपुरा के सिंहेश्वर से निर्दलीय विधायक बने थे। वे तीन बार निर्दलीय सांसद और एक बार निर्दलीय विधायक रह चुके हैं। ऐसे में तय है कि अगर वे निर्दलीय भी चुनावी मैदान में उतरते हैं तो इसका खामियाजा महागठबंधन को ही उठाना पड़ेगा।

माना जाता है कि पप्पू यादव अगर पूर्णिया से चुनावी मैदान में उतरते हैं तो वे महागठबंधन के वोट बैंक में ही सेंध लगाएंगे। राजद का वोट बैंक एमवाई समीकरण को ही माना जाता है। बताया जाता है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पप्पू यादव की पार्टी के कांग्रेस में विलय की पटकथा लिखी थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उनकी सलाह पर पप्पू यादव ने लालू प्रसाद से मिलकर उनकी शिकायतों को दूर किया था, लेकिन अंत में पप्पू खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। भाजपा भी अब पप्पू यादव के जरिए महागठबंधन पर कटाक्ष कर रहा है। भाजपा के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि पहले से ही इस महागठबंधन को ठगबंधन माना जाता रहा है। पप्पू यादव को ठगबंधन ने ठग लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी को कांग्रेस मे विलय कर दिया लेकिन राजद ने ठगते हुए बीमा भारती को सिंबल थमा दिया।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article