इलेक्शन

'मिशन केरलम' पर BJP, कोझिकोड में अमित शाह ने किया रोड शो; जानिए राज्य का कैसा रहा है सियासी इतिहास?

Karala Election 2026: अमित शाह ने केरलम के कोझिकोड में बीजेपी उम्मीदवार एडवोकेट के. पी. प्रकाश बाबू के साथ रोड शो किया। यह रोड शो बेयपोर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया गया। यह केरलम का एक प्रमुख विधानसभा क्षेत्र है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केरलम (केरल) में बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करते हुए कांग्रेस और वाम दलों पर तीखा हमला बोला था।

Image

केरल के कोझिकोड में आयोजित रोड शो में शामिल हुए अमित शाह।

Photo : ANI

Karala Election 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को केरलम (केरल) के कोझिकोड मे रोड शो किया। इस रोड में उनके साथ कोझिकोड के बीजेपी उम्मीदवार एडवोकेट के. पी. प्रकाश बाबू सहित कई नेता शामिल हुए। यह रोड शो बेयपोर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया गया। यह केरलम का एक प्रमुख विधानसभा क्षेत्र है।

रोड शो के दौरान अमित शाह ने लोगों से बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील की और राज्य में विकास, सुरक्षा और बेहतर शासन का वादा किया। उन्होंने कहा कि केरलम में इस बार बदलाव की लहर है और जनता एक मजबूत विकल्प चाहती है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केरलम (केरल) में बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करते हुए कांग्रेस और वाम दलों पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने दावा किया था कि राज्य में इस बार बीजेपी-एनडीए के पक्ष में माहौल बन रहा है और जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा था, 'इस बार केरलम सिर्फ नई सरकार नहीं, बल्कि नई व्यवस्था चुनने जा रहा है।'

पीएम मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से क्या की अपील?

प्रधानमंत्री ने कहा था कि लंबे समय से केरलम में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच सत्ता बदलती रही, लेकिन तिरुवनंतपुरम के नतीजों ने इस धारणा को तोड़ दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर घर तक पहुंच बनाएं और मतदान के दिन ज्यादा मेहनत करें। बता दें कि 9 अप्रैल को केरलम में विधानसभा चुनाव होना है।

कैसे रहा है केरलम का सियासी इतिहास?

केरलम की राजनीति लंबे समय से दो बड़े गठबंधनों के इर्द-गिर्द घूमती रही है—एक सीपीआईएम के नेतृत्व वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और दूसरा कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF)। आमतौर पर राज्य में सत्ता हर पांच साल में इन दोनों गठबंधनों के बीच बदलती रही है।

हालांकि, 2021 में एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इस परंपरा को तोड़ दिया। पिनाराई विजयन के नेतृत्व में यह जीत ऐतिहासिक रही, क्योंकि उनसे पहले केरल में कोई भी मुख्यमंत्री लगातार दस वर्षों तक सत्ता में नहीं रह पाया था।

Piyush Kumar
पीयूष कुमार author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

End of Article