इलेक्शन

Karnataka में प्रचार थमने के बाद देर रात PM ने बताया रोडमैपः बोले- सूबे को नंबर-1 बनाने को मांग रहा हूं सहयोग

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated May 9, 2023, 08:29 AM IST

Karnataka Elections 2023: दरअसल, 224 विधानसभा सीटों वाले वकर्नाटक में 10 मई को मतदान है, जबकि 13 मई 2023 को परिणाम आएंगे। एक रोज पहले यानी आठ मई की शाम को वहां विस चुनाव के लिए प्रचार थम गया था। ऐसे में पीएम मोदी की यह अपील वाला वीडियो विपक्ष को चुभ सकता है और वह इसे मुद्दा बना सकता है। अब देखना है कि विपक्षी दल इस मसले पर अपना क्या रुख अपनाते हैं।

Karnataka Elections 2023: कर्नाटक में चुनाव प्रचार थमने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फुल-ऑन एक्शन मोड में नजर आए। देर रात उन्होंने वीडियो संदेश के जरिए इशारों-इशारों में न सिर्फ वोट की अपील की बल्कि दक्षिण भारतीय सूबे को नंबर-1 बनाने से जुड़ी बात भी कही। देर रात 12 बजकर 21 मिनट के आस-पास भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टि्वटर हैंडल से जारी किए गए आठ मिनट 25 सेकेंड के वीडियो में पीएम ने सीधे तौर पर वोट की बात तो नहीं कही, मगर वह बोले कि बीजेपी कर्नाटक को कृषि में नंबर-1 बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जो प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं, वे इस सूबे को नंबर-1 राज्य बनाने का आधार बनेंगे।

बकौल मोदी, "जब हम साथ मिलकर कोई लक्ष्य तय करेंगे तब दुनिया की कोई शक्ति हमें लक्ष्य की प्राप्ति से रोक नहीं पाएगी। इसलिए मैं कर्नाटक को देश का नंबर-1 बनाने के लिए आपका सहयोग और आपका आशीर्वाद मांग रहा हूं।"

दरअसल, कर्नाटक में 10 मई को मतदान है, जबकि 13 मई 2023 को परिणाम आएंगे। एक रोज पहले यानी आठ मई की शाम को वहां विस चुनाव के लिए प्रचार थम गया था। ऐसे में पीएम मोदी की यह अपील वाला वीडियो विपक्ष को चुभ सकता है और वह इसे मुद्दा बना सकता है। अब देखना है कि विपक्षी दल इस मसले पर अपना क्या रुख अपनाते हैं।

सूबे में इस बार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता बरकरार रखने के लिए दम झोंक रही है, जबकि कांग्रेस उसे पटखनी देने के लिए जोर आजमाइश में है। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व में राज्य की तीसरी सबसे बड़ी ताकत जनता दल (सेक्युलर) ने भी मतदाताओं को रिझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी। जोर-शोर से चले प्रचार अभियान में नेताओं के एक-दूसरे पर निजी हमले करने के मामले भी सामने आए थे।

चुनावी और राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा सत्ता में क्रमिक रूप से बदलाव की 38 साल पुरानी परंपरा को तोड़ने और दक्षिण भारत में अपने गढ़ को बचाने की कोशिश में जुटी है। बीजेपी से सत्ता छीनने के लिए कांग्रेस भी कड़ी मेहनत करती दिखी और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article