Karnataka Assembly Election 2023 : क्या कर्नाटक चुनाव में ही 2024 के आम चुनाव की पटकथा लिखी जा रही है? क्या कर्नाटक की चुनावी लड़ाई गाली वर्सेज ताली पर ही होगी? दरअसल कर्नाटक के रण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उतरे। कर्नाटक को नंबर वन प्रदेश बनने का भरोसा दिलाया। और गाली से मोदी विरोध करने वालों को कड़ी नसीहतें दीं। क्लियर मैसेज दिया कि मोदी को दी जाने वाली गालियां मिट्टी में मिल जाएंगी। गाली के सामने जनता की ताली बजेगी। फिर से कमल खिलेगा।
बीजेपी के सुपरस्टार प्रचारक का पहला चुनाव प्रचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में अपना चुनावी शंखनाद कुछ इस तरह किया तो जनता ने एक बार फिर अपने पीएम पर प्यार लुटाया। बैंगलुरू की फिजा में मोदी-मोदी गूंजा। कर्नाटक चुनाव में ये बीजेपी के सुपरस्टार प्रचारक का पहला चुनाव प्रचार था। जिससे कार्यकर्ताओं का भी जोश हाई हुआ और वोटरों का भी इशारा बहुत कुछ समझ में आया। बैंगलुरू से पहले नरेंद्र मोदी ने बीदर हुमनाबाद में एक इलेक्शन रैली को संबोधित किया। कर्नाटक को देश में नंबर-1 राज्य बनाने का भरोसा दिया और कांग्रेस की गाली वाली राजनीति को भी खूब कोसा।
स्क्रिप्ट लिखी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने
प्रधानमंत्री ने बीदर के हुमनाबाद की चुनावी सभा से कांग्रेस पर जो हमला किया। उसकी स्क्रिप्ट दो दिन पहले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखी थी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक के कलबुर्गी में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर हमला किया और सियासी मर्यादा लांघ दी।
गाली वाली पॉलिटिक्स पर पीएम का करारा वार
मल्लिकार्जुन खड़गे को जहरीले सांप वाले बयान पर जवाब तो उसी दिन बीजेपी ने दे दिया था। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर और कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई समेत बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं ने खड़गे के बयान के बहाने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के मौत के सौदागर वाले बयान और उसके परिणाम की याद दिला दी थी। लेकिन आज मैदान में खुद प्रधानमंत्री मोदी थे। लिहाजा उन्होंने कांग्रेस की गाली वाली पॉलिटिक्स पर करारा वार किया। बता दिया कि कांग्रेस ने उनको दो-चार बार नहीं बल्कि कुल 91 बार गालियां दी हैं ।
कांग्रेस की कोई क्रेडिबिलिटी नहीं
कर्नाटक में 10 दिन बाद विधानसभा चुनाव होगा। लिहाजा सभी पार्टियों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। बीजेपी के लिए शनिवार को पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह भी मैदान में उतरे। मैंगलुरू में रोड शो किया। और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस की गारंटी का कोई मतलब नहीं है। और वो इसलिए क्योंकि कांग्रेस की कोई क्रेडिबिलिटी नहीं है। जिस पार्टी की क्रेडिबिलिटी ही ना हो वो उसकी क्रेडिबिलिटी का कोई मतलब नहीं होता है।
जिसे समाज को गालियां दी, उसी ने हिसाब किया बराबर
कर्नाटक के सियासी रण में इस बार भी लिंगायत और वोक्कालिगा बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुआ है। राज्य की बोम्मई सरकार ने चुनावी बिगुल बजने से पहले, दोनों समुदायों के आरक्षण में बढ़ोतरी भी कर दी थी और आज प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों समुदाय की अस्मिता का भी मुद्दा उठाया। कहा जब-जब कांग्रेस के नेताओं ने जिस-जिस समाज को गालियां दी है। इलेक्शन में उस समुदाय के लोगों ने कांग्रेस का हिसाब कर दिया है।
लिंगायत और वोक्कालिगा कर्नाटक में बड़ा प्रभाव
आपको बता दें कर्नाटक में सबसे बड़े समुदाय लिंगायत की जनसंख्या करीब 14% है। 75-80 सीटों पर इनका सीधा प्रभाव है। फिलहाल लिंगायत के सबसे बड़े लीडर बीएस येदियुरप्पा हैं। वोक्कालिगा समुदाय की बात करें तो कर्नाटक में इनकी आबादी 11% है। 54 सीटों पर इनका प्रभाव है। और फिलहाल इनके सुपर लीडर एचडी देवगौड़ा हैं। इसके अलावा मुस्लिम और कुरुबा समुदाय भी बड़ा फैक्टर है और इन वोटों पर तमाम पार्टियों की नजर है। लेकिन फिलहाल पूरी लड़ाई गाली बनाम कमल पर आई दिख रही है। और मोदी कह रहे हैं कि जितनी गालियां दोगे वो सब मिट्टी में मिल जाएंगी और फिर कमल खिलेगा।
मतलब वोटिंग से पहले आरोप प्रत्यारोप की काउंटिंग जारी है। प्रधानमंत्री ने आज गिन-गिनकर कांग्रेस को बता दिया कि गालियों की लिस्ट 91 तक पहुंच चुकी है और जितनी गालियां मिल रही हैं जनता से उतनी ही तालियां मिल रही हैं।
