Karnataka Assembly Election 2023 : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेंगलुरू में सोमवार को अपना घोषणा पत्र/विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, सीएम बासवराज बोम्मई, बीएस येदियुरप्पा सहित अन्य नेताओं की मौजूदगी में जारी इस घोषणा पत्र में सभी वर्गों को लुभाने की कोशिश की गई है। घोषणा पत्र में गरीब परिवारों (बीपीएल) को हर साल तीन घरेलू सिलेंडर देने का वादा किया गया है। भगवा पार्टी ने हर महीने राशन और आधा लूटर दूध देने का भी वादा किया है। पार्टी लोगों को पांच किलो चावल भी देगी। भाजपा ने वादा किया है कि सत्ता में लौटने पर वह समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करेगी।
भाजपा ने कहा है कि वह बेंगलुरु को राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित करेगी। घोषणापत्र की मुख्य बातें इस प्रकार हैं-
- बीपीएल परिवारों को साल में तीन घरेलू गैस सिलेंडर देगी। ये सिलेंडर उगादी पर्व, गणेश चतुर्थी और दीपावली के मौके पर दिए जाएंगे।
- नगर परिषद के प्रत्येक वार्ड में 'अटल आहार योजना' की शुरुआत होगी। इसके जरिए लोगों को सस्ता एवं गुणवत्ता परक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
- अपने 'पोषणे' स्कीम के जरिए प्रत्येक बीपीएल परिवार को हर दिन आधा लीटर नंदिनी दूध और मासिक राशन में पांच किलो चावल दिया जाएगा।
- समिति के अनुशंसाओं के आधार पर कर्नाटक में समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा।
- 'सरवारिगू सुरू योजना' के तहत राज्य भर में गरीों के लिए 10 लाख घर बनाए जाएंगे।
- सरकारी स्कूलों के उन्नत एवं बेहतर बनाने के लिए सरकार 'विश्वेश्वरैया विद्या योजना' की शुरुआत करेगी।
- सरकार आईएएस, केएएस, बैंकिंग एवं सरकारी नौकरी की कोचिंग करने वाले छात्रों को वित्तीय राहत एवं करियर सपोर्ट देगी।
- 'मिशन स्वास्थ्य कर्नाटक' के जरिए सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के साथ-साथ नगर परिषदों के प्रत्येक वार्ड में नम्मा क्लिनिक खोलेगी।
- एसएमई एवं आईटी के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए सरकार 'समन्वय' योजना लॉन्च करेगी।
- बेंगलुरू को 'स्टेट कैपिटल रीजन' के रूप में विकसित किया जाएगा। शहर में जीवन आसान बनाने, परिवहन बेहतर करने एवं बेंगलुरु को डिजिटल इनोवेशन का ग्लोबल हब बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
- माइक्रो-कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए सरकार 30,000 करोड़ रुपए की लागत से 'के एग्री फंड' की स्थापना करेगी।
- कल्याण सर्किट, बनवासी सर्किट, परशुराम सर्किट एवं गनगपुरा कॉरीडोर के लिए 1,500 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे। राज्य को पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा।
