इलेक्शन

Madhya Pradesh: चुनाव से पहले कांग्रेस में दो फाड़! BJP ने लगाया अंदरूनी कलह का आरोप, जानें पूरा विवाद

Madhya Pradesh Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की खटपट सामने आने लगी है। भाजपा ऐसा दावा कर रही है कि कांग्रेस पार्टी दो धड़े में विभाजित हो चुकी है। चुनावी बिगुल बजने से पहले ही दिग्विजय गुट और कमलनाथ गुट के बीच अनबन जैसे हालात बन रहे हैं।

Image

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की खटपट आने लगी सामने।

MP Chunav News: 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उठापटक का दौर तेज हो चुका है। मध्य प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने से पहले ही भाजपा ने अपने 79 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके ये संदेश देने की कोशिश की है कि वो इस चुनाव के लिए कितनी गंभीर है। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस में अंदरूनी कलह का आरोप लगाते हुए ये कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अब तक प्रत्याशियों की एक भी लिस्ट कांग्रेस ने जारी नहीं की है। कांग्रेस में जिस तरह से गुटबाजी और अंतर्कलह देखी जा रही है, उससे यही लगता है कि कमलनाथ अपने कोटे से टिकट दिलाना चाहते हैं, दिग्विजय सिंह अपने कोटे को लेकर लेकर अलग तैयार बैठे हैं, जीतू पटवारी का अपना कोटा है, अजय सिंह राहुल का अलग अपना कोटा है।

क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस में पड़ चुकी है दरारें?

BJP ये आरोप लगा रही है कि कांग्रेस में सिर फुटव्वल के हालात बन चुके हैं। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की 9 घंटे चलने वाली बैठक से कमलनाथ 3 घंटे में ही बाहर हो जाते हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये मामला कांग्रेस VS कांग्रेस का ही है। भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस में दरारें पड़ चुकी हैं और ये विवाद प्रदेश कांग्रेस vs राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच है। इसमें सुरजेवाला vs कमलनाथ के बीच और कमलनाथ vs दिग्विजय सिंह की जंग है। कहीं न कहीं अगर चुनाव से पहले कांग्रेस की अंतर्कलह खुलकर सामने आने लगी है तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

कांग्रेस की जनाक्रोश यात्रा पर भाजपा का तंज

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की जनाक्रोश यात्रा को लेकर भी तंज कसा है और कहा है कि जन आक्रोश यात्रा में खाली कुर्सियां देख कांग्रेसियों के उड़े होश, एमपी में अब कांग्रेस के लिए कोई स्कोप नहीं है। भाजपा ने ये भा दावा किया है कि कांग्रेस को अपने जन आक्रोश यात्रा में आम जनता, अपने कार्यकर्ता, महिला, युवा, पिछड़े समाज के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा। जिसे देखकर पार्टी के नेताओं का आत्मविश्वास पूरी तरह डगमगा गया है।

क्या कहता है मध्य प्रदेश का सियासी समीकरण?

इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। अगर समीकरण को समझा जाए, तो पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान एमपी कांग्रेस के दो प्रमुख चेहरे माने जा रहे थे, जिनमें कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल थे। सिंधिया और कमलनाथ में से किसी एक को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के फैसले में कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को दरकिनार कर दिया। सिंधिया के समर्थकों में इसे लेकर भारी नाराजगी देखी गई थी, जब सिंधिया ने भाजपा का दामन थामा तो उनके चाहने वालों ने भी कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। ऐसे में इस बार के चुनाव में कांग्रेस को सिंधिया की कमी जरूर खलेगी। चुनावी युद्ध में किसकी विजय होगी, इसका जवाब तो नतीजे सामने आने के बाद ही पता चलेगा, मगर यहां ये समझने की जरूरत है कि अगर सचमुच कांग्रेस में अंदरूनी कलह इस कदर बढ़ गई है तो निश्चित तौर पर मुसीबत बढ़ सकती है। दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और जीतू पटवारी ये कांग्रेस के वो तीन नेता हैं जिनके बीच खटपट की बात कही जा रही है। अगर ये खटपट चुनाव आते आते और बढ़ती है तो चुनाव में कांग्रेस की जीत का सपना, सपना ही रह जाएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article