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Indore-1 MP Chunav Result 2023: इंदौर में भाजपा ने खिलाया कमल, कैलाश विजयवर्गीय ने अपने नाम की जीत

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Dec 3, 2023, 06:08 PM IST

इंदौर 1 विधानसभा सीटर पर सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, अन्य कई राज्यों की जनता नजरें गड़ाए बैठी है। असल में इस हॉटसीट पर भाजपा के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय खड़े हैं जिनका मुकाबला कांग्रेस के धनाड्य प्रत्याशी संजय शुक्ला से है।

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Indore-1 MP Chunav Result 2023: इंदौर में भाजपा ने खिलाया कमल, कैलाश विजयवर्गीय ने अपने नाम की जीत

KEY HIGHLIGHTS
  • क्या फिर चलेगा विजयवर्गीय का मैजिक
  • मुकाबला कांग्रेस के संजय शुक्ला से है
  • मध्यप्रदेश की हॉटसीट बनी है इंदौर 1

Madhya Pradesh Kailash Vijayvargiya Indore-1 Election 2023 Profile: इंदौर 1 विधानसभा सीट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि इस सीट से भाजपा के बड़े और सफल नेता कैलाश विजयवर्गीय लड़ रहे हैं। कैलाश विजयवर्गीय एक दबंग नेता हैं जो अपने मुखर स्वभाव को लेकर लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। विधायकी के लिए इनका मुकाबल इस बार भी कांटे का माना जा रहा है और कांग्रेस के संजय शुक्ला खड़े हैं। संजय शुक्ला मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में खड़े प्रत्याशियों में तीसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं जिनकी संपत्ति करीब 217 करोड़ रुपये है। इस सीट पर वोटों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू हो गई है। मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ होगी। इसके बाद ईवीएम के मतों की चरणवार गिनती होगी। शुरुआती रुझान धीरे-धीरे नतीजों में तब्दील हो जाएंगे।

क्रमांकउम्मीदवारपार्टीमतपरिणाम
1कैलाश विजयवर्गीयभाजपा 15348257440 वोट से आगे
2संजय शुक्लाकांग्रेस 9604257440 वोट से पीछे
3यासिर. पठानएआईएमआईएम1505151977 वोट से पीछे

हॉटसीट बनी हुई ये विधानसभा सीट

बीजेपी ने जब से कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-1 सीट से उम्मीदवार बनाया है, तब से ये सीट मध्य प्रदेश की हॉट सीट में तब्दील हो गई है। कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के एक सक्रिय राजनेता हैं जो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। विजयवर्गीय के नाम के ऐलान के बाद ये सीट मध्य प्रदेश की हॉट सीट बन चुकी है, इस सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से लगातार विजयवर्गीय यहां सक्रिय हैं और सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में लगे हैं।

विजयवर्गीय सफल राजनेताओं में से एक

विजयवर्गीय ने इंदौर भारतीय जनता पार्टी में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया। उन्होंने इंदौर के महापौर के रूप में कार्य किया। वे 6 बार विधायक बने, जिन्होंने कभी भी विधानसभा चुनाव में हार का सामना नहीं किया और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व संभालने से पहले 12 साल से अधिक समय तक राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं विजयवर्गीय मध्यप्रदेश के सफल राजनेताओं में से एक माने जाते हैं।

अमित शाह द्वारा राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त

विजयवर्गीय को 2014 में हरियाणा के लिए भाजपा के चुनाव अभियान का प्रभारी बनाया गया था , जिसके बाद भाजपा को विधानसभा चुनाव में बहुमत मिला। इस जीत ने उन्हें पार्टी नेतृत्व में अधिक केंद्रीय भूमिका हासिल करने की अनुमति दी, और जून 2015 में उन्हें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया।

ऐसा रहा है राजनीतिक सफर

विजयवर्गीय ने 1975 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से राजनीति में प्रवेश किया। वह 1983 में इंदौर नगर निगम के पार्षद बने और 1985 में स्थायी समिति के सदस्य बने। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के राज्य सचिव रहे हैं । , भाजपा और इंदौर, और प्रदेश भाजपा विधि प्रकोष्ठ के समन्वयक। वह 1985 में विद्यार्थी परिषद के राज्य समन्वयक, 1992 में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष और 1993 में भाजयुमो के राष्ट्रीय महासचिव और गुजरात के नेता बने। विजयवर्गीय 1990, 1993 में विधानसभा के लिए चुने गए। , 1998, 2003, 2008, और 2013। वह 2014 में भाजपा के हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव अभियान के प्रभारी थे, जब पार्टी ने हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी पहली जीत दर्ज की , जिससे भाजपा की सीटें 4 से 47 हो गईं।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए गेम चेंजर माना जाता है

उन्हें 2015 में भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव और साथ ही पश्चिम बंगाल का पार्टी नेता नामित किया गया था । उन्हें वर्ष 2021 के लिए भारत के शीर्ष 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया था। उन्हें पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए गेम चेंजर माना जाता था क्योंकि पार्टी ने 2019 के लोक सभा चुनाव में 18 सीटें जीती थीं।

इंदौर नगर निगम के पहले सीधे निर्वाचित मेयर

विजयवर्गीय 2000 में इंदौर नगर निगम के पहले सीधे निर्वाचित मेयर बने। उन्हें 2003 में दक्षिण एशिया मेयर्स काउंसिल का अध्यक्ष नामित किया गया, और डरबन में विश्व पृथ्वी शिखर सम्मेलन में भारतीय स्वैच्छिक संगठन की टीम का नेतृत्व किया ।

विजयवर्गीय रहे हैं राज्य कैबिनेट मंत्री

विजयवर्गीय ने 8 दिसंबर 2008 को मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली और उन्हें लोक निर्माण, संसदीय कार्य, शहरी प्रशासन और विकास विभाग दिए गए। 1 जुलाई 2004 को उन्हें धार्मिक न्यास, बंदोबस्ती और पुनर्वास विभाग दिया गया। विजयवर्गीय 27 अगस्त 2004 को लोक निर्माण मंत्री के रूप में फिर से बाबूलाल गौर के मंत्रिपरिषद में शामिल हो गए। उन्हें 4 दिसंबर को शिवराज सिंह चौहान की मंत्रिपरिषद में फिर से शामिल किया गया। 2005, लोक निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में। शिवराज सिंह चौहान (2008 के चुनावों के बाद) के तहत दूसरे मंत्रिमंडल में , विजयवर्गीय के पास आईटी और उद्योग विभाग थे। तीसरे मंत्रिमंडल (2013 के चुनावों के बाद) में, विजयवर्गीय के पास शहरी विकास विभाग था।

2018 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी

इंदौर-1 विधानसभा सीट का लेखा-जोखा इंदौर-1 विधानसभा सीट मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां 2018 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इंदौर-1 विधानसभा सीट मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में आती है। 2018 में कांग्रेस से संजय शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी के सुदर्शन गुप्ता को हराया था। इंदौर-1 विधानसभा सीट इंदौर के अंतर्गत आती है और इस संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं शंकर लालवानी, जो बीजेपी से हैं।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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