Humayun Kabir Viral Video: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दहलीज पर खड़ा है, लेकिन मतदान से पहले ही एक कथित स्टिंग वीडियो ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AJUP) के चेयरमैन और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर का एक 19 मिनट का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे भाजपा नेताओं के साथ कथित तौर पर 1000 करोड़ की डील और सत्ता परिवर्तन की रणनीति पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) हमलावर हो गई है, वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने कबीर से किनारा कर लिया है।
क्या है वायरल वीडियो का सच?
वायरल वीडियो में हुमायूं कबीर यह दावा करते दिख रहे हैं कि वे किसी भी कीमत पर ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करना चाहते हैं। वीडियो में वे कहते नजर आ रहे हैं कि यदि उनकी पार्टी 60-70 सीटें जीत लेती है, तो वे राज्य के उपमुख्यमंत्री भी बन सकते हैं। कथित तौर पर कबीर ने दावा किया कि वे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा के संपर्क में हैं। हालांकि, मीडिया संस्थानों ने इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।
TMC ने बताया भाजपा की 'B टीम'
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और कुणाल घोष ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हुमायूं कबीर और भाजपा के बीच 1000 करोड़ रुपये की गुप्त डील का आरोप लगाया। कुणाल घोष ने सवाल उठाया कि "प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में अब तक चुप क्यों है?"
TMC का आरोप है कि भाजपा ने अल्पसंख्यक वोटों को बांटने के लिए कबीर जैसे नेताओं के जरिए 'B टीम' और 'C टीम' तैयार की है। फिरहाद हकीम ने कहा कि हुमायूं कबीर अपनी अंतरात्मा बेच सकते हैं, लेकिन बंगाल के अल्पसंख्यक मतदाता भाजपा की इस चाल में नहीं फंसेंगे।
AIMIM ने तोड़ा गठबंधन
हालिया विवाद के बाद AIMIM ने कड़ा रुख अपनाते हुए कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ लिया है। AIMIM ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि वे मुसलमानों की अखंडता पर सवाल उठाने वाले किसी भी बयान का समर्थन नहीं करते और बंगाल चुनाव में अब स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए चुनावी जंग तेज है। हुमायूं कबीर की पार्टी 118 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। हुमायूं कबीर पिछले साल तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने का दावा किया था।हुमायूं कबीर का पलटवार: 'सबूत दें या कोर्ट चलें'
इन आरोपों पर हुमायूं कबीर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 1000 करोड़ की डील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि "TMC मेरा मुकाबला राजनीतिक रूप से नहीं कर पा रही, इसलिए घटिया ऑडियो-वीडियो क्लिप जारी कर रही है।" कबीर ने चुनौती दी कि यदि उनके भाजपा नेताओं से मिलने का कोई भी सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने घोषणा की कि वे इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
