HP Assembly Election Results : हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की 68 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन सभी 68 सीटों के रुझान सामने आ गए हैं। अब तक के रुझानों भाजपा 31 सीट और कांग्रेस 34 सीट पर आगे चल रही है। जबकि पांच सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। हिमाचल प्रदेश में सरकार बनाने के लिए 35 सीटों की जरूरत है। रुझानों में इस जादुई आंकड़े के करीब कांग्रेस पहुंचती दिख रही है। ये रुझान अगर नतीजों में तब्दील हो गए तो सरकार बनाने में निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो जाएगी।
भाजपा और कांग्रेस से बागी होकर लड़ा चुनाव
भाजपा और कांग्रेस से बागवत कर चुनाव लड़ने वाले ये बागी नेता हैं नालागढ़ से उम्मीदवार केएल ठाकुर, देहरा सीट से होशियार सिंह, हमीरपुर से आशीष कुमार और बांजर सीट से हितेश्वर सिंह। दिलचस्प बात यह है कि ये चारों निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा एवं कांग्रेस से बगावत कर चुनाव लड़े हैं। केएल ठाकुर, होशियार सिंह और हितेश्वर सिंह ने भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ा है तो आशीष कुमार ने कांग्रेस से बगावत की। कांग्रेस पार्टी यदि 34 सीटों पर सिमट कर रह जाती है तो सरकार बनाने के लिए उसे इन निर्दलीय उम्मीदवारों पर निर्भर रहना होगा।
- बांजर सीट-हितेश्वर सिंह
- देहरा-होशियार सिंह
- हमीरपुर-आशीष शर्मा
- नालागढ़-केएल ठाकुर
विधायकों को एकजुट रखेगी कांग्रेस
रुझानों में सबसे बड़ी पार्टी उभरने और सरकार बनाने के करीब आते देख कांग्रेस सतर्क हो गई है। वह हिमाचल प्रदेश में गोवा जैसी गलती दोहराना नहीं चाहती। सूत्रों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के रुझान एवं नतीजों पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की पल-पल की नजर है। सूत्रों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में कांटे का एवं करीबी मुकाबला देख कांग्रेस अपने विधायकों की सुरक्षा को लेकर अभी से एहतियात बरतने लगी है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पार्टी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश पटेल को तैयार रखा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस को यदि हिमाचल प्रदेश में सरकार बनाने का मौका मिलता है तो वह अपने विजयी विधायकों को राजस्थान ला सकती है। नवनिर्वाचित विधायकों को किसी रिजॉर्ट में ठहराया जा सकता है।
