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हरियाणा विधानसभा चुनाव में खिलाड़ियों की एंट्री से कांग्रेस को सरकार बनाने में कितना मिलेगा फायदा?

Congress Plan for Haryana: कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत का डंका बजाने के लिए सबसे बड़ी चाल चल दी है। विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति तैयार हो रही है। राहुल ने दोनों से मुलाकात की, जिसके बाद हलचल तेज हो गई।

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राहुल गांधीके साथ बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट।

Haryana Election: हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस हर मोर्चे पर खुद को मजबूत करती हुई दिख रही है, एक तरफ आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारे में हलचल को तेज कर दिया है। दोनों पहलवानों के साथ राहुल गांधी की तस्वीर भी इस ओर इशारा कर रही हैं कि हरियाणा की राजनीतिक लड़ाई में कांग्रेस को पहलवानों का साथ मिल रहा है। वहीं इस कयास की पुष्टि होती दिख रही है कि विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया दोनों ही कांग्रेस के टिकट से चुनावी ताल ठोक सकते हैं।

जब विनेश और बजरंग ने की राहुल से मुलाकात

राहुल गांधी ने अपने जम्मू-कश्मीर के चुनावी दौरे से पहले विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया से 10 जनपथ पर मुलाकात की, इस मुलाकात के ठीक बाद दोनों पहलवानों की मुलाकात कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से हुई, लगभग 30 मिनट से ज़्यादा चली इस बैठक में चुनाव लड़ने से लेकर पार्टी के लिए प्रचार करने तक की रणनीति पर चर्चा हुई।

कांग्रेस पर लगता रहा है जाट राजनीति का आरोप

हरियाणा में कांग्रेस पार्टी पर जाट राजनीति का आरोप लंबे समय से लगता आ रहा है, बीजेपी के 10 साल तक सरकार में रहने के पीछे भी राजनीतिक जानकार यही कारण बताते हैं कि पूर्व CM भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सिर्फ जाट की राजनीति की जिस वजह से नॉन जाट वोटबैंक कांग्रेस से अलग हुई और पार्टी को इसका नुकसान हुआ। यही वजह है कि कांग्रेस अब नॉन जाट वोटर को भी अपने साथ जोड़ना चाहती है।

किस सीट से किसे चुनाव लड़ने का ऑफर दिया?

सूत्रों की मानें तो विनेश फोगाट को अपने गृहक्षेत्र चरखी दादरी और जुलाना दोनों में विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया गया है। जुलाना से संभावना अधिक हो सकती है, क्योंकि जुलाना उनका ससुराल है और वहां उनका पारिवारिक और सामाजिक प्रभाव है। दूसरी ओर, अगर बीजेपी उनकी चचेरी बहन बबीता फोगाट को चरखी दादरी से मैदान में उतारती है, तो यह एक चचेरे बहन के बीच का मुकाबला बन सकता है। जिसके लिए फिलहाल विनेश तैयार नहीं हैं। वहीं बजरंग झज्जर जिले के बादली विधानसभा से कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि कांग्रेस के लिए यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि ये सीट कांग्रेस की सिटिंग सीट है और यहां से कुलदीप वत्स विधायक हैं।

विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के जरिये कांग्रेस पहलवानों के समर्थन का फायदा चुनाव में उठाने की कोशिश कर रही है, इन स्टार खिलाड़ियों को शामिल करके कांग्रेस हरियाणा राज्य की उस भावना को भुनाना चाहती है। जहां खेल उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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