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जम्मू-कश्मीर में कब होगा विधानसभा चुनाव? एक्शन मोड में निर्वाचन आयोग; जानें क्या है तैयारी

Election News: जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कब होगा? अभी तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए चुनाव आयोग का दल जम्मू-कश्मीर में है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार खुद इस राज्य का दौरा कर रहे हैं। आपको खास बातें बताते हैं।

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जम्मू कश्मीर में चुनाव आयोग की टीम।

Jammu Kashmir Assembly Election: भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का एक दल जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने और राजनीतिक दलों से प्रतिक्रिया लेने के लिए बृहस्पतिवार को यहां पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में दल आज सुबह यहां पहुंचा। यह दल ‘शेर ए कश्मीर अंततराष्ट्रीय सभागार’ (एसकेआईसीसी) में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा।

राजनीतिक दलों को किया गया था आमंत्रित

जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने मंगलवार को विभिन्न राजनीतिक दलों को पत्र जारी कर उन्हें ईसीआई के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया था। राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग के साथ बैठक के लिए समय दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेंकां), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), भाजपा, कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि ईसीआई टीम से मिलने के लिए एसकेआईसीसी पहुंचे।

चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी के पोले सहित पुलिस और नागरिक प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी एसकेआईसीसी पहुंचे। केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 30 सितंबर को दी गई समय सीमा से कुछ सप्ताह पहले, निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेगा।

एजेंसियों के साथ होगी समीक्षा बैठक

राजीव कुमार के साथ चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एस एस संधू भी हैं। आयोग सभी जिलों के चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ तैयारियों की समीक्षा भी करेगा। निर्वाचन आयोग के सदस्यों की तीन दिवसीय यात्रा का समापन 10 अगस्त को जम्मू में होगा, जहां वे प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।

जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान के बाद, कुमार ने कहा था, 'यह सक्रिय भागीदारी जल्द ही होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एक बहुत बड़ी सकारात्मक बात है ताकि केंद्र शासित प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया जारी रहे।' राजनीतिक दलों के साथ बैठक के अलावा आयोग मुख्य निर्वाचन अधिकारी और केंद्रीय बल समन्वयक के साथ भी स्थिति की समीक्षा करेगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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