इलेक्शन

Gujarat Election: गुजरात में इस संत के लिए बना है अलग बूथ, जानें कौन हैं महंत हरिदास

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 2, 2022, 11:10 AM IST

Gujarat Election: गुजरात चुनाव के लिए गुरुवार को वोटिंग जारी है। वोटिंग के दौरान लगभग सभी बूथों पर लोगों का उत्साह जमकर दिख रहा है। पहले चरण में 89 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। दूसरे चरण के लिए पांच दिसंबर को वोटिंग होगी। वहींं मतगणना आठ दिसंबर को होगी।

Image

मतदान करने के बाद अपना पहचान पत्र दिखाते हुए महंत हरिदास

Photo : Twitter

Gujarat Election: चुनाव आयोग की हमेशा से कोशिश रही है कि हर शख्स अपने वोट का इस्तेमाल जरूर करे, इसके लिए वो हर सुविधा को जनता के लिए उपलब्ध करता है। ऐसा ही एक नजारा गुजरात चुनाव के दौरान भी देखने को मिला है। गुजरात में सिर्फ एक शख्स के लिए चुनाव आयोग ने एक पोलिंग बूथ बनवाया है, वो भी जंगल के बीचो-बीच।

महंत के लिए बूथ

इस बूथ पर वोट डालने वाले एक महंत है। महंत हरिदास जी उदासीन के लिए बकायदा चुनाव आयोग के 15 कर्मचारियों की एक टीम इस बूथ को बनाती है। यहां उसी प्रकार की सभी व्यवस्था की जाती है, जैसे आम बूथों पर होती है। इस बूथ पर हमेशा का रिकॉर्ड रहा है कि यहां 100 प्रतिशत वोटिंग होती है। जो शायद ही किसी बूथ पर होती होगी।

गिर के जंगलों में बूथ

चुनाव आयोग ने सोमनाथ जिले के गिर के जंगल में यह बूथ बनाया है। जहां महंत हरिदास रहते हैं। महंत हरिदास ऊना विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। उनकी वोटिंग के लिए 15 लोगों की टीम 25 किलोमीटर का सफर तय कर पोलिंग बूथ तक पहुंचती है। मंदिर के पास वन विभाग के कार्यालय में मतदान केंद्र बनाया गया है।

पहले भी बना था यहां बूथ

चुनाव आयोग ने लोकसभा और जिला परिषद चुनाव के दौरान भी यहां बूथ बनाया था। पहले महंत हरिदास के गुरु भरत दास यहां के एकमात्र मतदाता हुआ करते थे, लेकिन उनका निधन हो गया। घने जंगल में मोबाइल फोन काम नहीं करते, इसलिए वन विभाग के वायरलेस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा गिर वन क्षेत्र में आदिवासी मतदाताओं के लिए सात और मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article