Delhi Vidhan Sabha Chunav Parinam 2025, Kalkaji Seat AAP Candidate Arvind Kejriwal Result Updates: दिल्ली की कालकाजी सीट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी विजयी हुई हैं। उन्होंने भाजपा के रमेश बिधूड़ी को हराया। इस सीट पर अलका लांबा कांग्रेस उम्मीदवार थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में आतिशी इस सीट से विजयी हुई थीं। इस बार कांग्रेस ने इस सीट पर अपनी तेज तर्रार नेता लांबा को उतारा था। लांबा पहले AAP में थीं, वह चांदनी चौक से विधायक भी रह चुकी हैं।
जानिए कालकाजी सीट के चुनाव नतीजे से जुड़े अपडेट्स
-कालकाजी सीट से विजयी हुईं आतिशी-छह राउंड के बाद आतिशी 3231 वोटों से पीछे चल रही है
-रमेश बिधूड़ी 25 हजार से ज्यादा वोट मिल चुके हैं
-तीन राउंड की काउंटिंग के बाद कालकाजी सीट पर BJP के रमेश बिधूड़ी आगे चल रहे हैं
-सीएम आतिशी करीब एक हजार वोटों से पीछे चल रही हैं
-भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी 1149 वोटों से आगे चल रहे हैं
-इस सीट पर सीएम आतिशी और अलका लांबा पीछे चल रहे हैं
-BJP प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी आगे चल रहे हैं
-कालकाजी सीट पर 12 राउंड तक वोटों की गिनती होगी
-कालका सीट से सीएम आतिशी पीछे चल रही हैं, यह अभी शुरुआती रुझान है
-आतिशी ने कहा है कि उन्हें लगता है कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल के साथ इस बार भी खड़ी होगी
कालकाजी सीट के उम्मीदवार
AAP -आतिशीBJP -रमेश बिधूड़ी
Congress -अलका लांबा
2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 6 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई। इस सीट पर मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच था। AAP की ओर से मैदान में उतरीं आतिशी ने 11,393 मतों के अंतर से बीजेपी के धर्मबीर के खिलाफ जीत हासिल की। कालकाजी विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में आतिशी को 55,897 वोट मिले तो बीजेपी के धर्मबीर को 44,504 वोट आए। कांग्रेस की शिवानी को महज 4,965 वोट ही आए। यहां पर कुल 185910 वोटर्स थे जिसमें से 57 फीसदी से अधिक यानी 106910 वोटर्स ने वोट डाले।
कालकाजी विधानसभा सीट का इतिहास पुराना है। इस सीट पर पहली बार चुनाव 1993 में हुआ। इस चुनाव में भाजपा की पूर्णिमा सेठी ने जीत हासिल की। इसके बाद 1998 के विधानसभा चुनाव में यह सीट कांग्रेस के पास चली गई। यहां से सुभाष चोपड़ा विजयी हुए। फिर 2003 और 2008 के चुनाव में भी चोपड़ा यहां से जीत हासिल करते रहे। साल 2013 के चुनाव में कालकाजी सीट पर शिरोमणि अकाली दल के हरमीत सिंह कालका ने जीत हासिल की। 2015 में आम आदमी पार्टी ने यहां से अपनी जीत की शुरुआत की।
