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चुनाव से ठीक पहले भाजपा को लगा झटका, कई नेता और कार्यकर्ताओं ने उठाई AAP की झाड़ू

Delhi Assembly Election: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले भाजपा और कांग्रेस को आम आदमी पार्टी झटका देने की कोशिश में जुटी हुई है। भाजपा, कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी का दामन थामा है। इनमें जंगपुरा विधानसभा सीट और मालवीय नगर सीट के कई नेता शामिल हैं।

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AAP ने भाजपा को दिया तगड़ा झटका।

Delhi Chunav 2025: आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा को तगड़ा झटका दिया है। जंगपुरा विधानसभा सीट और मालवीय नगर सीट के कई भाजपा और कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ताओं ने आप का दामन थामा है। BJP के नेता, पूर्व पार्षद चौधरी विजयपाल सिंह, मोहित चौधरी और उनकी पूरी टीम ने AAP की सदस्यता ग्रहण की। इसके अलावा मालवीय नगर विधानसभा सीट के भी कई नेता और कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।

भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता ‘आप' में शामिल

दिल्ली की जंगपुरा विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार मनीष सिसोदिया ने चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का बृहस्पतिवार को स्वागत किया। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान पांच फरवरी को और मतगणना आठ फरवरी को होगी।

जंगपुरा में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को चुनाव में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले, पटपड़गंज उनकी पारंपरिक सीट थी। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के साथ सिसोदिया ने नए सदस्यों का स्वागत किया, जिनमें भाजपा नेता और पूर्व पार्षद विजयपाल सिंह व जंगपुरा से भाजपा के ब्लॉक उपाध्यक्ष मोहित चौधरी शामिल थे।

सिसोदिया ने इस बारे में पत्रकारों से कहा, “भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘आप’ की नीतियों और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से प्रभावित होकर हमारे आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया है। यह जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक मजबूत टीम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” जंगपुरा विधानसभा सीट पर भाजपा ने तरविंदर सिंह मारवाह और कांग्रेस ने फरहाद सूरी को चुनाव मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

मालवीय नगर के कई नेताओं ने उठाई आप की झाड़ू

दिल्ली में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल जी के कामों और नीतियों से प्रभावित होकर कांग्रेस और BJP के तमाम वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मनीष सिसोदिया जी, संजय सिंह जी और सोमनाथ भारती जी की मौजूदगी में AAP की सदस्यता ली।

आगामी 5 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने हैं, वहीं 8 फरवरी को चुनावी नतीजे आएंगे। देखना होगा कि इस बार भी आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत होती है या फिर वो इस बार तगड़ा झटका लगेगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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