इलेक्शन

राजिंदर नगर में किसका दिखेगा दमखम, कौन होगा पानी कम? भाजपा और आप के गढ़ में पंजा का कितना भौकाल; देखें समीकरण

Rajinder Nagar Assembly Seat: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में इस बात कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा था। आप और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है। इस चुनाव में एक बार फिर राजिंदर नगर सीट पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। क्योंकि भाजपा और आप के गढ़ रहे ‘राजिंदर नगर’ में हाथ की राह आसान नहीं दिख रही है।

Image

राजिंदर नगर सीट पर किस-किसके बीच मुकाबला?

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट की गिनती हाई प्रोफाइल सीटों में होती है। कभी भाजपा का गढ़ रही राजिंदर नगर सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनाव और उपचुनाव से आम आदमी पार्टी (आप) का कब्जा है। आइए जानते हैं राजिंदर नगर सीट से जुड़ी अहम बातें। सबसे पहले आपको बताते हैं कि राजिंदर नगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किसे मैदान में उतारा है।

राजिंदर नगर सीट पर किस-किसके बीच मुकाबला?

उम्मीदवारपार्टीपरिणाम
दुर्गेश पाठकआम आदमी पार्टी ---
उमंग बजाजभारतीय जनता पार्टी---
विनीत यादवकांग्रेस---
दिल्ली की हाईप्रोफाइल सीट राजिंदर (राजेंद्र) नगर में इस बार आम आदमी पार्टी (आप) की राह आसान नहीं है। पिछले तीन चुनावों में यहां जीत की हैट्रिक लगाने वाली आप को भाजपा और कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिल रही है। यहां से आप ने दुर्गेश पाठक, कांग्रेस ने विनीत यादव और भाजपा ने उमंग बजाज को अपना उम्मीदवार बनाया है। आइए जानते हैं राजिंदर नगर सीट के बारे में।

नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में आती राजिंदर नगर विधानसभा

राजिंदर नगर विधानसभा, नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में आती है। इस जगह का नाम भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर रखा गया है। यह इलाका एक आवासीय क्षेत्र है और कई हस्तियों का भी इस क्षेत्र से खास नाता रहा है। आप ने इस सीट से दुर्गेश पाठक को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने विनीत यादव को मैदान में उतारा है। भाजपा ने उमंग बजाज को उम्मीदवार घोषित किया है।

राजिंदर नगर सीट पर कब किसका रहा है कब्जा?

राजिंदर नगर विधानसभा सीट एक समय भाजपा का गढ़ थी। हालांकि, अब यहां आम आदमी पार्टी (आप) का दबदबा है। 1993 से 2020 के विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो यहां चार बार बीजेपी, दो बार आप और एक बार कांग्रेस का विधायक चुना गया है। बीजेपी ने इस सीट पर 1993, 1998, 2003 और 2013 में जीत दर्ज की। जबकि आप ने 2015 और 2020 में बाजी मारी। कांग्रेस 2008 में ही जीत दर्ज कर पाई। 2022 में इस सीट पर उपचुनाव हुए थे, जिसमें आप नेता दुर्गेश पाठक ने जीत हासिल की।

2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार राघव चड्ढा को 59,135 वोट मिले थे और उनका वोट शेयर 57.06 फीसद था, जबकि भाजपा के उम्मीदवार आर पी सिंह को 39,077 वोट मिले और उनका वोट शेयर 37.70 फीसद था। वहीं, कांग्रेस के रॉकी तुसीद को 3,941 वोट मिले थे और वोट शेयर 3.80 था।

2022 के उपचुनाव में आप के दुर्गेश पाठक को 40,319 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के राजेश भाटिया को 28,581 वोट मिले और कांग्रेस की प्रेम लता को 2,014 वोट मिले थे। राजिंदर नगर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक है। यहां पुरुष मतदाता 80,686, महिला मतदाता 65,299 और थर्ड जेंडर वोटर 3 है। यहां कुल वोटर 1,45,988 हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article