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CM आतिशी ने कसी कमर, विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए शुरू किया चंदा अभियान

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री एवं कालकाजी सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी ने चुनाव लड़ने के लिए चंदा एकत्र करने का अभियान शुरू किया। एक दिन पहले ही सीएम आतिशी ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए ये दावा किया था कि भाजपा रमेश बिधूड़ी को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश करेगी।

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आतिशी, मुख्यमंत्री, दिल्ली

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री और कालकाजी से आम आदमी पार्टी (आप) की उम्मीदवार आतिशी ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए रविवार को चंदा अभियान शुरू किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोग उनकी पार्टी की काम और ईमानदारी की राजनीति का समर्थन करेंगे।

आतिशी ने चुनाव के लिए शुरू किया चंदा अभियान

आतिशी ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंदे के लिए एक ऑनलाइन लिंक जारी किया और कहा कि उन्हें चुनाव लड़ने के लिए 40 लाख रुपये की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ ने हमेशा आम आदमी के छोटे-छोटे दान की मदद से चुनाव लड़ा है, जिससे उसे काम और ईमानदारी की राजनीति करने में मदद मिली है।

दिसंबर में ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और जंगपुरा से पार्टी उम्मीदवार मनीष सिसोदिया ने एक ‘क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म’ शुरू कर प्रचार अभियान के लिए लोगों से वित्तीय मदद मांगी थी। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और परिणाम आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

आतिशी का दावा बिधूड़ी को होंगे भाजपा के सीएम उम्मीदवार

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने शुक्रवार को ‘भरोसेमंद’ सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने नेता रमेश बिधूड़ी को पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिधूड़ी को उनकी पार्टी का सबसे ‘अधिक गाली-गलौज करने वाला’ नेता होने का ‘इनाम’ है। आतिशी दिल्ली की कालकाजी सीट से फिर निर्वाचित होने के लिए विधानसभा चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के बिधूड़ी एवं कांग्रेस की अलका लांबा से है।

आतिशी ने दावा किया, ‘‘भरोसेमंद सूत्रों से पता चला है कि गाली-गलौज पार्टी ने फैसला किया है कि पार्टी के सबसे अधिक गाली-गलौज करने वाले नेता रमेश बिधूड़ी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।’’ आम आदमी पार्टी (आप) के सुप्रीमो समेत आप नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें निरंतर निशाना बनाए जाने को लेकर भाजपा को ‘गाली-गलौज’ पार्टी की संज्ञा दी है। बिधूड़ी हाल में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और आतिशी के विरूद्ध कथित अशोभनीय टिप्पणी कर विवादों में घिर गये। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव पांच फरवरी को होंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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