'INDI' गठबंधन काम नहीं कर रहा है, यह बात इस ब्लॉक से अलग होने वाले नीतीश कुमार पहले ही कह चुके हैं। सीट बंटवारे पर कांग्रेस जिस तरह से सुस्त है उसे देखकर लगता है कि इस ब्लॉक में शामिल दलों का सब्र अब जवाब देने लगा है। अब वे अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने लगे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश का है। यहां समाजवादी पार्टी ने राज्य की 16 सीटों के लिए मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव के इस कदम से कांग्रेस में नाराजगी है।
फर्रुखाबाद सीट पर कांग्रेस को आपत्ति
कांग्रेस के पास इन 16 सीटों में कुछ भी नहीं है। फिर भी सूत्र बता रहे हैं कि अखिलेश यादव के 16 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने से कांग्रेस नाराज है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सीट बंटवारे के फॉर्मूले को लेकर बातचीत चल रही थी लेकिन अंतिम नतीजे पर पहुंचने से पहले ही समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। समाजवादी पार्टी की लिस्ट में फर्रुखाबाद सीट का नाम आने पर भी कांग्रेस को आपत्ति है क्योंकि यहां से उनके वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद चुनाव लड़ते रहे हैं।
सपा ने इसलिए 16 सीटों की लिस्ट निकाली
अखिलेश ने इन 16 सीटों की ही लिस्ट क्यों निकाली। और सबसे पहले लिस्ट क्यों निकाली इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कांग्रेस ही मानी जा रही है। पहली वजह तो ये है कि इन 16 सीटों में लखनऊ-फर्रुखाबाद-खीरी जैसी सीटें कांग्रेस अपने लिए मांग रही थी। दूसरी वजह ये है कि इन 16 सीटों में कुछ सीटें समाजवादी पार्टी की मजबूत सीटें हैं, वहां भी कांग्रेस अपना रुमाल रख रही थी। एक वजह ये भी है कि अखिलेश यादव ने उन लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जिन पर 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी मजबूत थी।
यूपी में 'इंडी' गठबंधन को बड़ा झटका
कांग्रेस के पास यूपी में कोई बारगेनिंग पावर नहीं है। इसलिए जो अखिलेश कहेंगे वो कांग्रेस को मानना होगा। क्योंकियूपी 2022 विधानसभा चुनाव की अगर बात करें तो इस चुनाव में कांग्रेस को 2.33% वोट, समाजवादी पार्टी को 32% और आरएलडी को 2.85% फीसदी वोट मिले। कांग्रेस अलग चुनाव लड़ेगी तो कोई फायदा नहीं होने वाला है। क्योंकि 2019 का चुनाव देखें तो कांग्रेस 67 सीटों पर लड़ी और 1 सीट पर जीती जबकि समाजवादी पार्टी 37 सीटों पर लड़ी और 5 सीटों पर जीत दर्ज की। यूपी में जिस तरह से अखिलेश ने पहली लिस्ट जारी कर दी उससे साफ है कि यूपी में भी 'इंडी' गठबंधन को बड़ा झटका लगने वाला है। इंडी गठबंधन को बिहार में झटका पहले ही लग चुका है। वहां तो अब इंडी गठबंधन के बचे खुचे लोगों को झटके पर झटका लग रहा है।
