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Rajasthan: अशोक गहलोत सदरपुरा तो पायलट लड़ेंगे टोंक से चुनाव...,कांग्रेस ने जारी की 33 उम्मीदवारों की पहली सूची

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 21, 2023, 02:52 PM IST

Rajasthan Assembly Elections 2023: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सदरपुरा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा सचिन पायलट टोंक से प्रत्याशी बनाया गया है। कांग्रेस ने सीपी जोशी को नाथद्वारा से, दिव्या मदेरणा को ओसियां से, गोविंद सिंह डोटासरा को लक्ष्मणगढ़ से और कृष्णा पूनिया को सादुलपुर सीट से उम्मीदवार घोषित किया है।

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कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की पहली सूची

Photo : BCCL

Rajasthan Assembly Elections 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की ओर से जारी की गई सूची में 33 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सदरपुरा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है।

इसके अलावा सचिन पायलट टोंक से प्रत्याशी बनाया गया है। कांग्रेस ने सीपी जोशी को नाथद्वारा से, दिव्या मदेरणा को ओसियां से, गोविंद सिंह डोटासरा को लक्ष्मणगढ़ से और कृष्णा पूनिया को सादुलपुर सीट से उम्मीदवार घोषित किया है।

यहां देखें पूरी लिस्ट-

भाजपा ने भी जारी की दूसरी सूची

इससे ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने भी राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नाम शामिल है। वसुंधरा को झालावाड़ की झालरापाटन सीट से ही टिकट मिला है, जबकि राठौड़ की सीट बदलकर उन्हें तारानगर विधानसभा से मैदान में उतारा गया है। इस सीट से फिलहाल कांग्रेस के नरेन्द्र बुड़ानिया विधायक हैं।

25 नवंबर को होना है मतदान

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है। पहले चुनाव आयोग ने 23 नवंबर को वोटिंग की तारीख की घोषणा की थी। हालांकि, बाद में इन तारीखों को बदल दिया गया। राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे अन्य राज्यों की मतगणना के साथ 3 दिसंबर को घोषित होंगे। बता दें, राजस्थान में इस बाद भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर है। सत्तारूढ़ कांग्रेस को हटाने के लिए यहां भाजपा एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। भाजपा ने यहां मध्य प्रदेश की तर्ज पर कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को भी टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस एक बार फिर से सत्ता में लौटने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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