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Haryana Elections: आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में मांगी 10 सीटें, कांग्रेस 7 देने को तैयार; बनाई 'सब कमेटी'

AAP Congress Alliance In Haryana: आम आदमी पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव में कुल 90 में से 10 सीटों की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल सात सीटें देने को तैयार है। सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल के बीच पहले ही दो दौर की बातचीत हो चुकी है और एक-दो दिन में उनकी फिर से मुलाकात होने की संभावना है।

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हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बनाई सब कमेटी।

Photo : Twitter

AAP Congress Alliance In Haryana: हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और आम आदमी के बीच गठबंधन की खबरों ने सियासी पारा बड़ा दिया है। खबर है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। इस बीच कांग्रेस ने बीच हुई सीटों और गठबंधन की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक सब कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में मधुसूदन मिस्त्री, अजय माकन और दीपक बाबरिया हैं, जो कांग्रेस आलाकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यह कमेटी 24 से ज्यादा लंबित सीटों और गठबंधन को लेकर हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर सकती है। कमेटी की बैठक गुरुवार, 5 सितंबर को होगी जिसमें भूपेंद्र हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा मौजदू रहेंगी।

सीट बंटवारे पर शुरू हुई बातचीत

उधर, आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन के प्रयासों ने गति पकड़ ली है और सीट बंटवारे को लेकर बातचीत भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने बताया है कि आम आदमी पार्टी हरियाणा विधानसभा की कुल 90 में से 10 सीटों की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल सात सीटें देने को तैयार है। आप के सूत्रों ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल के बीच पहले ही दो दौर की बातचीत हो चुकी है और एक-दो दिन में उनकी फिर से मुलाकात होने की संभावना है। पार्टी के एक सूत्र का कहना है कि आप ने 10 लोकसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक से एक सीट का दावा किया है।

संजय सिंह ने गठबंधन की खबरों का किया स्वागत

उधर, आप के नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने उन खबरों का स्वागत किया, जिनमें दावा किया गया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हरियाणा में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना में रुचि दिखाई है। संजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराना सभी विपक्षी दलों की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के संबंध में कोई भी निर्णय आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मंजूरी से लिया जाएगा, जो वर्तमान में आबकारी नीति से संबंधित मामलों में जेल में हैं। वहीं, आप के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया ने कहा, हम आम आदमी पार्टी के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। जैसे ही कुछ तय हो जाएगा, हम आपको सूचित करेंगे। उन्होंने कहा, हमें भाजपा को हराना है और वोटों को बंटने नहीं देना है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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