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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने जहरीले सांप से की BJP और RSS की तुलना, कहा- उन्हें मार देना चाहिए

Maharashtra Chunav: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान खड़गे ने सांगली में भाजपा और आरएसएस की तुलना जहरीले सांप से की तुलना की। उन्होंने इस दौरान ये भी कहा कि 'जहरीले सांप' को मार देना चाहिए। इस रिपोर्ट में पढ़िए खड़गे ने और क्या कुछ कहा।

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खड़गे ने आरएसएस-भाजपा की तुलना जहर से की।

Mallikarjun Kharge Compared RSS-BJP to Poisonous Snake: महाराष्ट्र चुनाव में प्रचार के दौरान सांगली में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी और RSS की तुलना जहरीले सांप से की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की तुलना ‘जहर’ से की और उन्हें भारत में ‘राजनीतिक रूप से सबसे खतरनाक’ करार दिया। खड़गे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार समाप्त होने से ठीक एक दिन पहले सांगली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ‘जहरीले सांप को मारने’ का उदाहरण दिया ।

खड़गे ने आरएसएस-भाजपा की तुलना जहर से की

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'अगर भारत में राजनीतिक रूप से सबसे खतरनाक कोई चीज है तो वह भाजपा और आरएसएस हैं। वे जहर की तरह हैं। अगर सांप काटता है तो वह व्यक्ति (जिसे काटा गया है) मर जाता है... ऐसे जहरीले सांप को मार देना चाहिए।' उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा।

बागी उम्मीदवार पर बरसे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे

खड़गे ने कांग्रेस के बागी और सांगली से निर्दलीय सांसद विशाल पाटिल का नाम लिए बगैर उन पर पार्टी को धोखा देने और अपने रिश्तेदार का समर्थन करने का आरोप लगाया। पाटिल की रिश्तेदार 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में प्रचार करने वाले नेताओं की संख्या, मैदान में उतरे उसके उम्मीदवारों की संख्या से अधिक है।

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री, गृह मंत्री (अमित शाह) और अन्य नेता यहां आए हैं। आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां थे। पता नहीं उन्हें क्या हुआ। उत्तर प्रदेश में झांसी के एक अस्पताल में आग लगने से 10 बच्चे मर गए। इसके बावजूद महाराष्ट्र में उनकी जनसभाएं नहीं रुकीं।'

पीएम मोदी पर भी खड़गे ने साधा निशाना

खड़गे ने राज्य स्तरीय चुनावों के लिए जनसभाएं आयोजित करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह विधानसभा का चुनाव है, देश का प्रधानमंत्री चुनने का नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी (मोदी की) ‘सत्ता की भूख’ अभी शांत नहीं हुई है। उन्होंने मोदी पर जातीय संघर्ष से जूझ रहे मणिपुर का दौरा न करने और इसके बजाय विदेश यात्रा करने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा, 'मोदी कल तक यहीं थे। आज वह विदेश में हैं। मणिपुर जल रहा है, लोग मर रहे हैं, आदिवासी महिलाओं का अपमान हो रहा है और महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है, लेकिन मोदी कभी मणिपुर नहीं गए। वह विदेश दौरे पर हैं।' उन्होंने कहा, 'आज वह एक देश का दौरा भी कर रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि पहले अपने घर का ख्याल रखें। पहले देश को मजबूत बनाएं। आप बाद में कहीं भी जा सकते हैं।'

उन्होंने भारत के नजरिए से प्रधानमंत्री की डोनाल्ड ट्रंप के साथ और रूस व चीन के राष्ट्रपतियों के साथ की गई बैठकों के परिणाम पर भी सवाल उठाया। खड़गे (83) ने कहा कि उनकी उम्र उन्हें कांग्रेस की विचारधारा का समर्थन करने और लोगों से मिलने से नहीं रोकेगी। उन्होंने विशाल पाटिल पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'ऐसे नेता हैं जिन्हें पार्टी ने पद दिए और उन्होंने उनसे लाभ उठाया। हम किसी की आलोचना नहीं कर रहे हैं, लेकिन अगर कांग्रेस पार्टी आपको सबकुछ दे रही है तो आपको उसे धोखा नहीं देना चाहिए।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी नहीं चाहती कि (पूर्व मुख्यमंत्री) दिवंगत वसंतदादा पाटिल के परिवार में कोई दरार आए, जो सांगली से थे। उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया कि सांगली से लोकसभा सांसद (विशाल पाटिल) कांग्रेस पार्टी के समर्थन से जीते हैं और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सम्मान के साथ फिर से शामिल किया है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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