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UP Politics: कांग्रेस-सपा के बीच बना रहेगा प्यार, या बढ़ेगी दरार? अजय राय ने बताया सारा प्लान

UP Assembly By-Election: एक सवाल खड़ा हो रहा है कि यदि कांग्रेस और सपा साथ-साथ हैं, तो आखिर फूलपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार ने नामांकन क्यों भरा? प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है कि हम समाजवादी पार्टी के साथ हैं और मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।

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सपा और कांग्रेस के रिश्ते के बारे में क्या बोले अजय राय?

Samajwadi Party and Congress Plan for UP: यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को आईएएनएस से बात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में नौ सीटों पर हो रहे उपचुनाव व इस संबंध में जारी राजनीत‍िक घटनाक्रमों पर चर्चा की। निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद उपचुनाव में दो टिकट मांग रहे थे। इसे लेकर वह दिल्ली भी गए। लेकिन, आज प्रेस वार्ता कर कह रहे हैं कि उन्हें सीट नहीं, जीत चाहिए। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, वो बहानेबाजी कर रहे हैं।

आरक्षण के मुद्दे पर क्या बोले कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय?

अजय राय ने कहा, मैं समझता हूं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में अच्छे विभाग की इच्छा प्रकट की होगी, जिसे भाजपा ने मान लिया होगा, इसलिए वह आज कह रहे हैं कि उन्हें सीट नहीं चाहिए। दस साल से केंद्र में और सात साल से उत्तर प्रदेश में इन लोगों की सरकार चल रही है, लेक‍िन आरक्षण के लिए कुछ नहीं किया गया।

27 के खेवनहार के सवाल पर अजय राय ने कहा, राम जी को पार लगाने वाले केवट समाज के लोग थे। लेकिन, आज जो स्थिति बनी हैं, मैं समझता हूं कि उन्हें इसका पालन भी करना चाहिए। ऐसे लोगों को पार लगाइए, जो सभी की मदद करते हैं। सभी के विकास के लिए काम करते हैं। सिर्फ उन लोगों को साथ मत दीजिए, जो अपने फायदे के लिए काम करते हैं।

यूपी में चल रहा रेप, हत्या बुलडोजर राज: अजय राय

नौ सीटों पर हो रहे उपचुनाव की तैयारियों पर अजय राय ने कहा, उत्तर प्रदेश में जंगलराज है। यहां पर अत्याचार, अन्याय और बेरोजगारी से लोग त्रस्त हैं। रेप, हत्या बुलडोजर राज चल रहा है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि हम मिलकर उपचुनाव लड़ेंगे। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता मजबूती के साथ खड़ा है। हम लोग इस गठबंधन को मजबूत करने का काम करेंगे।

'सपा नहीं चाहती है कि यूपी में कांग्रेस का कद बढ़े'

भाजपा का दावा है कि समाजवादी पार्टी नहीं चाहती है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का कद बढ़े। इस सवाल का जवाब देते हुए अजय राय ने कहा, भाजपा को अपनी चिंता करनी चाहिए। यह हमारे और समाजवादी पार्टी के बीच का मामला है। भाजपा ने अपने सहयोगी दलों को चुनाव में एक भी सीट नहीं दी है। हम सपा के साथ लोकसभा चुनाव में भी साथ थे, विधानसभा के उपचुनाव में साथ खड़े हैं।

फूलपुर से कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन करने पर अजय राय ने कहा, वह गलतफहमी में हुआ है, वापस हो जाएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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