Ashok Gehlot Filed Nomination: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा चुनाव के लिए जोधपुर के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के बाद गहलोत ने दावा किया कि राज्य की जनता राजस्थान में सरकार दोहराने के मूड में है। जोधपुर जिले की सरदारपुरा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। इस सीट से 1999 से अशोक गहलोत लगातार जीतते आए हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 63 फीसदी वोट मिले थे।
नामांकन दाखिल करने के बाद क्या बोले अशोक गहलोत?
अशोक गहलोत ने नामांकन दाखिल करने के बाद कहा, 'पहले राजस्थान को पिछड़े राज्य के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब यह बदल गया है। आज राजस्थान में एम्स, आईआईटी, आईआईएम और अन्य विश्वविद्यालय हैं। जब मैं पहली बार सीएम बना तो केवल 6 विश्वविद्यालय थे और अब 100 से ज्यादा कॉलेज हैं।' उन्होंने कहा, राज्य की जनता राजस्थान में सरकार दोहराने के मूड में है।
बड़ी बहन विमला देवी से मुलाकात कर लिया आशीर्वाद
नामांकन दाखिल करने से पहले गहलोत ने अपनी बड़ी बहन विमला देवी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। नामांकन दाखिल करने के दौरान गहलोत की पत्नी और उनके पुत्र साथ थे। सरदारपुरा सीट से उनका गहरा नाता है, जब साल 1998 में गहलोत को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया गया था तो उन्होंने पहली बार इसी सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ा था। उन्होंने तबसे इस सीट को छोड़कर कहीं और से चुनाव नहीं लड़ा।
सरदारपुरा विधानसभा सीट और अशोक गहलोत का नाता
1 दिसंबर 1998 को वो पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने थे। सरदारपुरा सीट पर उन्होंने उपचुनाव जीतकर वो पहली बार विधायक बने थे। अपने पहले कार्यकाल में गहलोत 8 दिसंबर 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। विधानसभा चुनाव 2003 में भी गहलोत ने इसी सीट से जीत हासिल की, हालांकि इस बार उनके नसीब में सीएम की कुर्सी नहीं थी। वसुंधरा राजे राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। गहलोत ने फिर से सरदारपुरा से चुनाव लड़ा और विधानसभा चुनाव जीता। इसके अलावा वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 13 दिसंबर 2013 तक अपने पांच साल के कार्यकाल को पूरा किया।
अशोक गहलोत ने इस विधानसभा सीट पर रचा है इतिहास
साल 2008 का विधनसभा चुनाव बड़ा रोचक था, अशोक गहलोत का सामना इस बार भाजपा के राजेंद्र गहलोत से हुआ, वो इस सीट से दो बार विधायक रहे हैं। अशोक गहलोत ने तीसरी बार इस सीट पर जीत हासिल की और 15 हजार 340 वोटों से भाजपा प्रत्याशी को हराया। इस जीत के साथ ही गहलोत दूसरी बार राजस्थान के सीएम बनें और 13 दिसंबर 2013 तक मुख्यमंत्री पद की कुर्सी संभाली। अशोक गहलोत ने इसके बाद विधानसभा चुनाव 2013 में भाजपा के सम्भू सिंह खेटासर को 18,478 वोटों से पटखनी दी और चौथी बार इस सीट पर कब्जा जमाया। पिछले विधानसभा चुनाव 2018 में अशोक गहलोत ने इस सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के शंभू सिंह खेतर को 45,597 वोटों से हराया। ये इस सीट पर अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। इस बार के चुनाव में भी अशोक गहलोत इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, ये समझा जा सकता है कि ये सीट उनके लिए कितनी अहम है।
