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'जो 370 हटाने के खिलाफ था, उसे दिया टिकट...' चुनाव से पहले जम्मू कश्मीर BJP में बगावत, दो और नेताओं ने छोड़ी पार्टी

Jammu Kashmir Assembly Elections: सांबा जिला अध्यक्ष कश्मीर सिंह ने कहा, हमने अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए प्रदर्शन किए और हड़तालें कीं और टिकट उस व्यक्ति को दिया गया जो हमेशा हमारी विचारधारा और अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ था।

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जम्मू-कश्मीर भाजपा में बगावत।

Photo : ANI

Jammu Kashmir Assembly Elections: जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले राज्य भाजपा में बगावत के सुर फूटने लगे हैं। पार्टी में टिकट बंटवारे से नाराज एक जिला अध्यक्ष सहित दो नेताओं ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने जम्मू के बाहरी इलाके में छम्ब विधानसभा क्षेत्र के खौर ब्लॉक में पूर्व विधायक राजीव शर्मा को वहां से उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ रैली निकाली।

बता दें, विधानसभा चुनाव के लिए 26 अगस्त को भाजपा ने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। इसके बाद से ही पार्टी को केंद्र शासित प्रदेश में टिकट वितरण को लेकर नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जम्मू क्षेत्र के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया है।

बागी नेताओं ने निर्दलीय भरा पर्चा

वहीं, भाजपा के दो बागी नेताओं ने पहले ही रामबन और पद्दार-नागसेनी विधानसभा क्षेत्रों से निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर लिया है। यह दोनों क्षेत्र 18 सितंबर से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण में मतदान करने वाले 24 निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल हैं। पार्टी के सांबा जिला अध्यक्ष कश्मीर सिंह ने कहा, भारी मन से मैं उस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं जिसके लिए मैंने 42 साल तक काम किया है। पार्टी ने एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया जो नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) से आया था और दशकों तक हमारी विचारधारा का मुखर विरोध करता रहा। बता दें, भाजपा ने पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया को सांबा निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है, जो अक्टूबर 2021 में नेकां छोड़कर पार्टी में शामिल हुए थे। इस निर्वाचन क्षेत्र को 28 वर्षों तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहने के बाद सामान्य श्रेणी में रखा गया है।

370 हटाने का विरोध करने वाले को दिया टिकट

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि हमने सांबा में भाजपा को मजबूत किया और जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भाजपा की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कई बलिदान दिए। हमने अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए प्रदर्शन किए और हड़तालें कीं और टिकट उस व्यक्ति को दिया गया जो हमेशा हमारी विचारधारा और अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ था। मैं इस संघर्ष को आगे बढ़ाऊंगा और उनके खिलाफ एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल करूंगा। एक अन्य भाजपा युवा नेता कनव शर्मा ने भी एक भ्रष्ट नेता को टिकट दिए जाने के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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