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गोल्ड मेडल मुश्किल... कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारत के लिए मैरी कॉम ने क्यों दिया ऐसा बयान, वजह भी बताई

Mary Kom On CWG 2026 Hopes: 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल विनर एम सी मैरी कॉम ने ग्लास्गो (स्कॉटलैंड) में शुरू होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों की संभावनाओं को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है।

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एमसी मैरी कॉम (Instagram/MCMARYKOM)

छह बार की विश्व चैम्पियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता एम सी मैरी कॉम को राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है हालांकि उन्हें लगता है कि स्वर्ण पदक जीत पाना मुश्किल होगा। मणिपुर की 43 वर्ष की इस मुक्केबाज ने पीटीआई से कहा, "हम पदक जीतेंगे लेकिन मुझे स्वर्ण की उम्मीद नहीं है। अगर मिल जाता है तो मुझे खुशी होगी। राष्ट्रमंडल खेलों में हम फाइनल तक जरूर पहुंचेंगे। मैं प्रार्थना करूंगी कि हम सारे पदक जीतें।"

उन्होंने कहा, ठमुक्केबाजी ने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है । खेल से इतना कुछ मिलने के बाद यह कैसे संभव है कि मैं वहां खेल रहे अपने खिलाड़ियों के लिये दुआ नहीं करूं। हम एक परिवार हैं।ठ भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में सात पदक जीते थे जिसमें तीन स्वर्ण और एक रजत शामिल है। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजी दल में सात पुरूष और सात महिला मुक्केबाज शामिल हैं।

भारतीय महिला टीम में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो), दुनिया की नंबर एक मुक्केबाज जैसमीन लम्बोरिया (57 किलो), एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार (54 किलो) और विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता अरूंधति चौधरी (70 किलो) शामिल हैं। चारों ने इस साल अप्रैल में एशियाई चैम्पियनशिप में पदक जीते थे। लड़कों में सचिन सिवाच (60 किलो) और नरेंदर बेरवाल (प्लस 90 किलो) से उम्मीदें हैं।

मैरी कॉम ने कहा, "मैं सभी को शुभकामना देती हूं । भारत का प्रतिनिधित्व करना आसान नहीं है, यह बड़ी जिम्मेदारी है । सभी देश के लिये पदक जीतने के इरादे से ही गए होंगे।" भारतीय मुक्केबाजी के प्रशासनिक पहलू के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "अजीब है।"

पिछले कुछ महीने से अजय सिंह की अध्यक्षता वाले भारतीय मुक्केबाजी महासंघ की चयन संबंधी विवादों, कोचों की नियुक्ति और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में रहने की खराब व्यवस्था को लेकर काफी आलोचना हुई है। बीएफआई को एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों की अपारदर्शी और अस्पष्ट चयन नीति को लेकर खेल मंत्रालय ने नोटिस भी जारी किया।

मैरी कॉम ने कहा, "मुझे समझ में नहीं आता कि कुछ चैम्पियन मुक्केबाजों का चयन क्यो नहीं हुआ। यह भविष्य के लिये अच्छा नहीं है। प्रदर्शन ऊपर नीचे हो सकता है लेकिन चयन सही नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।"

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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