Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को सम्पन्न हुआ। पहले चरण में 121 पर मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण के तहत 122 सीटों पर वोट डाले गए और शुक्रवार 14 नवंबर को चुनावी रिजल्ट सामने आया। पिछले कुछ विधानसभा चुनावों की तरह बिहार में इस बार भी मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी महागठबंधन के बीच ही रहा। हालांकि, जिस तरह के नतीजे आए हैं, उसे देखकर कहा जा सकता है कि NDA और महागठबंधन में कोई मुकाबला था ही नहीं। NDA ने 202 सीटें जीतकर एकतरफा जीत हासिल की। NDA में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड मुख्य पार्टियां हैं, जबकि महागठबंधन में RJD, कांग्रेस और वाम दल सहित कई पार्टियां शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी इस बार ताल ठोंकी। तमाम गुणा-भाग के बीच सभी की नजर उन 15 सीटों पर थी, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में हार-जीत का अंतर सबसे कम था।
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में तीन सीटों पर हार-जीत का अंतर 200 वोट से भी कम था। यही नहीं राज्य में कुल 243 में से 9 विधानसभा सीटें ऐसी थीं, जिन पर जीत-हार का अंतर 1000 वोट से कम था। सबसे कम अंतर के जीत-हार की बात की जाए तो एक सीट पर जीत-हार का अंतर सिर्फ 12 वोट का था। राज्य की हिलसा विधानसभा सीट पर JDU प्रत्याशी कृष्णमुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया ने RJD उम्मीदवार अत्री मुनी उर्फ शक्ति सिंह यादव को 12 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। इस बार दोनों उम्मीदवारों ने फिर से इसी सीट पर ताल ठोंकी थी।
इसके अलावा बरबीघा सीट पर जीत का अंतर महज 113 वोट था और यहां पर JDU प्रत्याशी सुदर्शन कुमार ने कांग्रेस उम्मीदवार गजानंद शाही को मात दी थी। रामगढ़ विधानसभा सीट से RJD उम्मीदवार सुधाकर सिंह ने BSP कैंडिडेट अंबिका सिंह को 189 वोटों से हराया था। भोरे विधानसभा सीट पर JDU उम्मीदवार सुनील सिंह ने (CPI(ML)(L)) प्रत्याशी जितेंद्र पासवान को 462 वोटों से मात दी थी। यहां देखें उन्हीं 15 सीटों का हाल, जहां पिछली बार जीतने वाले प्रत्याशी ने लंबी सांस ली और हारने वाला उम्मीदवार मन मसोसकर रह गया था
| S. No. | विधानसभा क्षेत्र | 2020 विजेता पार्टी | जीत का अंतर (वोटों में) | 2025 विजेता और पार्टी | जीत का अंतर (वोटों में) |
| 1 | हिलसा | जेडीयू | 12 | कृष्णा मुरारी शरण (JDU) | 16,012 |
| 2 | बरबीघा | जेडीयू | 113 | डा. कुमार पुष्पंजय (JDU) | 25,493 |
| 3 | रामगढ़ | राजद | 189 | सतीश कुमार सिंह यादव (BSP) | 30 |
| 4 | भोरे | जेडीयू | 462 | सुनील कुमार (JDU) | 16,163 |
| 5 | देहरी | राजद | 464 | राजीव रंजन सिंह (JDU) | 35,968 |
| 6 | बछवाड़ा | भाजपा | 484 | सुरेन्द्र मेहता (BJP) | 15,842 |
| 7 | चकई | निर्दलीय | 581 | सावित्री देवी (RJD) | 12,972 |
| 8 | कुढ़नी | राजद | 712 | केदार प्रसाद गुप्ता (BJP) | 9,718 |
| 9 | परबत्ता | जेडीयू | 951 | बाबुलाल शौर्य (LJP-RV) | 34,039 |
| 10 | भागलपुर | कांग्रेस | 1,113 | रोहित पाण्डेय (BJP) | 13,474 |
| 11 | सिवान | राजद | 1,973 | मंगल पांडे (BJP) | 9,370 |
| 12 | महाराजगंज | कांग्रेस | 1,976 | हेम नारायण साह (JDU) | 21,099 |
| 13 | रानीगंज | जेडीयू | 2,304 | अविनाश मंगलम (RJD) | 8,530 |
| 14 | बेल्हार | जेडीयू | 2,473 | मनोज यादव (JDU) | 37,206 |
| 15 | बाजपट्टी | राजद | 2,704 | रामेश्वर कुमार महतो (RLM) | 3,395 |
विधानसभा चुनाव का रिजल्ट
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रिजल्ट की बात करें तो NDA को कुल 202 सीटों पर जीत मिली, जबकि महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। अलग-अलग पार्टियों की बात करें को भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और उसे 89 सीटों पर जीत मिली, जबकि गठबंधन में उसकी सहयोगी जेडीयू को 85 सीटों पर जीत मिली। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीटें हासिल हुईं, जबकि जीतनराम मांझी की हम ने 5 सीटें जीती और 4 सीटें आरएलएम ने जीतीं।महागठबंधन में RJD को सबसे ज्यादा 25 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस 6 सीटें जीतने में सफल रही। वाम दल 3 सीटें जीत पाए और एक सीट आईआईपी को मिली।
पिछले विधानसभा चुनाव का हाल
विधानसभा चुनाव 2020 के रिजल्ट पर एक नजर डालें तो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सबसे ज्यादा 75 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि महागठबंधन में RJD की सहयोगी कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटों पर और सीपीआई (एमएल) को 12 सीटों पर जीत मिली थी। उधर NDA खेमे में भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा 74 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि जेडीयू को 43 सीटें मिली थीं। राज्य में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं और बहुमत के लिए किसी भी पार्टी का गठबंधन को 122 सीटों की जरूरत होती है। इन प्रमुख पार्टियों के अलावा AIMIM को 5, हिंदुस्तानी आवामी मार्चा को 4, विकासशील इंसान पार्टी को भी 4 सीटों पर जीत मिली थी। सीपीआई और सीपीएम को 2-2 सीटों पर सफलता मिली थी।
