Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है। इस सियासी जंग में कुछ खास सीटें हैं- तेजस्वी यादव की राघोपुर सीट, तेज प्रताप यादव की महुआ, और तारापुर, जहां से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। लालू प्रसाद यादव की फैमिली, नीतीश कुमार जैसे लोगों ने मतदान कर दिया है।
गिरिराज सिंह ने अपने पैतृक गांव बड़हिया में मतदान किया है। वोटिंग करने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक ऐसा बयान दिया, जिसपर विवाद छिड़ गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हर बूथ पर आंगनबाड़ी सेविका की तैनाती की है, ताकि अगर किसी को लगे कि बुर्के में कोई संदिग्ध व्यक्ति फर्जी वोट डाल रहा है, तो सेविका उसकी पहचान की पुष्टि में मदद करेगी।
यह पाकिस्तान नहीं है जहां शरिया कानून चलता है: गिरिराज सिंह
गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि इसे धर्म से जोड़कर ना देखा जाए, क्योंकि यह पाकिस्तान नहीं है जहां शरिया कानून चलता है। तेजस्वी यादव का राज जीवन में आएगा नहीं, जो यहां शरिया कानून लागू हो जाएगा। गिरिराज का कहना था कि फर्जी मतदान रोकने के लिए बूथों पर पर्याप्त व्यवस्था है और इसे धर्म से जोड़ने की कोशिश गलत है।
गिरिराज सिंह ने वोटर्स से क्या की अपील?
वहीं, गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वोटर चेहरे पर नहीं, बल्कि विकास के आधार पर मतदान करें। इसके अलावा उन्होंने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की जनता समझदार है और पहले चरण की 121 सीटों में से 95 सीटों पर एनडीए की जीत तय है।
गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर क्या बोले चिराग पासवान?
गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, "यह अनावश्यक रूप से हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाने की कोशिश है।" उन्होंने कहा, "मैं सभी से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह करता हूँ। मैं चाहता हूँ कि बिहार में आज पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान हो।"
सूरजभान सिंह ने क्या कहा?
मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण बयान है। जो कहा गया है वह पूरी तरह गलत है। बता दें कि गिरिराज सिंह ने इससे पहले भी कहा था कि पोलिंग एजेंटों या चुनाव कर्मियों को संदेह होगा तो बुर्का उठाकर चेहरा दिखाने को कहा जाएगा। संविधान ने यह अधिकार दिया है कि अगर शक हो तो ऐसा कराया जा सकता है। उन्होंने कहा था कि बुर्का को लेकर हंगामा क्यों है। कानून सबके लिए एक बराबर है। यहां पाकिस्तान की तरह इस्लामिक शरिया कानून लागू नहीं है।
