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Sarairanjan Assembly Election 2025: बिहार की राजनीति का निर्णायक मैदान कहलाता है सरायरंजन, बनेगा JDU और RJD के बीच कड़ी टक्कर का गढ़; जानें इस विधानसभा सीट का समीकरण

Sarairanjan Assembly Election 2025: बिहार की सरायरंजन विधानसभा सीट उत्तर बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाती है और इसे जदयू का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले चुनावों में यहां जदयू और राजद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट पर दोनों बड़े दलों के बीच मुकाबला बेहद रोचक रहने की संभावना है।

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सरायरंजन विधानसभा चुनाव 2025

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Sarairanjan Assembly Election 2025: बिहार की सरायरंजन विधानसभा सीट समस्तीपुर जिले में स्थित है और इसकी स्थापना 1967 में हुई थी। यह सीट समस्तीपुर जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है और उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। सरायरंजन समस्तीपुर से लगभग 13 किलोमीटर दूर है और यह उत्तर बिहार की राजनीति और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यहां का हर चुनावी परिणाम बड़े राजनीतिक दलों की रणनीति और भविष्य पर असर डालता है। यह क्षेत्र चारों तरफ अन्य प्रमुख कस्बों और शहरों से घिरा हुआ है, जिनमें विद्यापति नगर (10 किमी), दलसिंहसराय (15 किमी), दरभंगा (45 किमी), मुजफ्फरपुर (65 किमी) और राजधानी पटना (73 किमी) शामिल हैं। इस विधानसभा सीट पर मतदान 6 नवंबर, गुरुवार को होगा, जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

2020 में बेहद रोचक मुकाबला

2020 में सरायरंजन विधानसभा सीट पर बेहद रोचक मुकाबला देखने को मिला था। उस साल जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में महत्वपूर्ण पद धारक विजय कुमार चौधरी ने यहां जीत दर्ज की थी, लेकिन यह जीत बेहद करीबी थी। उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी, आरजेडी के अरविंद कुमार सहनी को मात्र 3,624 वोटों के अंतर से हराया था। यह सीट जदयू का मजबूत गढ़ मानी जाती है, और विजय कुमार चौधरी पिछले 15 वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

जदयू और आरजेडी के बीच कड़ी टक्कर की संभावना

वर्तमान में वे नीतीश कुमार की सरकार में जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग के मंत्री हैं। यह सीट जनरल (अनारक्षित) श्रेणी में आती है। 2025 के चुनाव में इस सीट पर जदयू और आरजेडी के बीच कड़ी टक्कर की संभावना है। इतिहास को देखें तो इस क्षेत्र के मतदाताओं ने दोनों प्रमुख पार्टियों को भरोसा दिया है। हालांकि, कम्युनिस्ट पार्टियों को अब तक यहां कोई जीत नहीं मिली है। सरायरंजन की राजनीति और स्थानीय मुद्दों को समझने के लिए इसके कृषि-प्रधान स्वरूप और लगभग पूरी तरह ग्रामीण मतदाता वर्ग को ध्यान में रखना आवश्यक है।

राजनीतिक दलों को अपनी पहचान बनाने का अवसर

सरायरंजन विधानसभा सीट के इतिहास में मतदाताओं ने कई राजनीतिक दलों को अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया है। इस क्षेत्र में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और भारतीय जनसंघ (बीजेएस) समेत कई पार्टियों ने सफलता हासिल की है। साल 2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू के विजय कुमार चौधरी ने राजद के रामाश्रय सहनी को कड़ी टक्कर के बाद करीब 17,000 वोटों के अंतर से हराया था।

किस-किस पार्टी का रहा सरायरंजन विधानसभा सीट पर दबदबा

2020 के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या

2015 में जदयू ने महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और भाजपा ने रंजीत निर्गुणी को उम्मीदवार बनाया, जिससे जदयू की जीत का अंतर और बढ़ गया। 2020 में राजद ने अपने उम्मीदवार को बदलकर अरविंद कुमार सहनी को मैदान में उतारा, लेकिन जदयू ने फिर से यह सीट अपने नाम कर ली। 2020 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार, सरायरंजन में कुल मतदाता संख्या 2,81,041 थी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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