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Kishanganj Assembly Seat: सीमांचल के इस 'हॉट सीट' पर BJP-RJD आमने-सामने, कहीं AIMIM न कर दे खेला!

Bihar Election 2025: किशनगंज विधानसभा सीट सीमांचल की सियासत का अहम केंद्र है। 2020 में कांग्रेस ने मामूली अंतर से जीत दर्ज की थी, लेकिन 2025 में मुकाबला और कड़ा होने की उम्मीद है। मुस्लिम वोट बैंक और स्थानीय विकास के मुद्दे इस बार भी चुनावी परिणाम तय करेंगे।

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पढ़ें किशनगंज विधानसभा सीट की राजनीतिक समीकरण।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Bihar Election 2025: किशनगंज विधानसभा सीट सीमांचल की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। बिहार के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका है और सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से अब भी विकास की प्रतीक्षा में है। बंगाल की सीमा से सटे इस इलाके में भाषा, संस्कृति और सामाजिक विविधता का अनोखा मेल देखने को मिलता है। यही कारण है कि यहां की राजनीति हमेशा से पूरे सीमांचल की दिशा तय करती रही है।

पिछले चुनाव और दलगत चित्र

2020 के विधानसभा चुनाव में इजहारुल हुसैन (कांग्रेस) ने यह सीट 61,078 वोटों के साथ जीती; भाजपा की स्वीटी सिंह दूसरे स्थान पर रहीं, 59,697 वोट पाकर। मतभेद मात्र 1,381 वोट का रहा। कांग्रेस-आरजेडी-एआईएमआईएम के बीच इस इलाके में गठबंधन एवं वोट बैंक समीकरण प्रमुख रूप से सक्रिय रहे हैं।

2025 की दिशा और मुख्य बिंदु

आने वाले 2025 के चुनाव में यह देखा जाएगा कि मुस्लिम वोट बैंक कितना एकजुट रहता है, किन्हीं नए दलों-उम्मीदवारों की हिस्सेदारी कितनी बढ़ती है, और भाजपा-गठबंधन किस रणनीति के साथ मैदान में उतरता है। इन सबसे इस सीट का भविष्य तय होगा।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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