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Gobindpur Assembly Elections 2025: गोविंदपुर में ‘कौशल परिवार’ की सियासत फिर दांव पर! त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई दिलचस्पी

Gobindpur Assembly Constituency (गोविंदपुर विधानसभा सीट): गोविंदपुर विधानसभा सीट नवादा जिले का हिस्सा है। इस सीट पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होने वाले हैं। गोविंदपुर सीट का चुनावी समीकरण कैसा है, आइए जानते हैं:

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गोविंदपुर विधानसभा सीट

Gobindpur Assembly Constituency (गोविंदपुर विधानसभा सीट): गोविंदपुर विधानसभा सीट नवादा जिले में आने वाला एक ग्रामीण इलाका है, जो सकरी नदी के तट पर बसा है। हर साल मानसून में यह इलाका बाढ़ की चपेट में आ जाता है। जिससे डाकघर, थाना, बाजार जैसी बुनियादी सुविधाएं गोविंदपुर से पूरी तरह कट जाती हैं। यहां पर साक्षरता दर भी केवल 47.56 फीसदी है। गोविंदपुर सीट वर्तमान में आरजेडी के पास है। यहां से मौजूदा विधायक मो. कामरान हैं। हालांकि इस बार पार्टी ने उनकी टिकट काटकर पूर्णिमा यादव को उम्मीदवार बनाया है। वे नवादा से आरजेडी प्रत्याशी कौशल यादव की पत्नी हैं। इस क्षेत्र की राजनीति में कौशल यादव के परिवार का काफी प्रभाव रहा है। लेकिन पिछले चुनाव में यह प्रभाव फीका पड़ता नजर आया, जिसमें पूर्णिमा यादव को हार का सामना करना पड़ा था। अब पूर्णिमा यादव एक बार फिर पार्टी बदलकर गोविंदपुर से अपनी किस्मत आजमाने मैदान में उतरी हैं।

गोविंदपुर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। एनडीए गठबंधन की ओर से एलजेपी (रामविलास) ने विनिता मेहता को उम्मीदवार बनाया है। वे नवादा बीजेपी के जिलाध्यक्ष अनिल मेहता की पत्नी और वर्तमान जिला पार्षद हैं। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव है। दूसरी ओर, गोविंदपुर सीट के राजद विधायक मो. कामरान ने टिकट कटने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में गोविंदपुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।

गोविंदपुर सीट के उम्मीदवार

  • पूर्णिमा देवी - RJD
  • विनीता मेहता - LJP (RV)
  • मो. कामरान - निर्दलीय

गोविंदपुर सीट का चुनावी समीकरण

गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र में किसी पार्टी का नहीं, बल्कि एक परिवार का लंबे समय से वर्चस्व रहा है। यहां की राजनीति कौशल यादव परिवार के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इस परिवार से कई विधायकों ने गोविंदपुर सीट का नेतृत्व किया। 1969 में कौशल यादव के पिता युगल किशोर यादव गोविंदपुर सीट से पहली बार विधायक बने थे। उनकी मौत के बाद कौशल यादव की मां गायत्री देवी ने इस सीट से चुनाव लड़ा। वे पांच बार यहां की विधायक रहीं। जिसके बाद कौशल यादव तीन बार गोंविदपुर सीट से जीत हासिल की। जिनमें दो बार निर्दलीय और एक बार जेडीयू की टिकट पर उन्होंने चुनाव लड़ा। उनकी पत्नी पूर्णिमा यादव भी 2015 के चुनाव में कांग्रेस से यहां की विधायक बनीं। हालांकि पिछले चुनाव में कौशल परिवार की जीत का सिलसिला टूटा और आरजेडी के मो. कामरान यहां से विजयी हुए। उन्होंने 33,074 वोटों से पूर्णिमा यादव को शिकस्त दी।

गोविंदपुर सीट कब बनी

गोविंदपुर विधानसभा सीट 1967 में अस्तित्व में आई। यहां पर अब तक 15 बार चुनाव हो चुके हैं। जिनमें से 6 बार यह सीट कांग्रेस के खाते में गई। तीन बार निर्दलीय उम्मीदवारों को जनता ने विधायक चुना। 2 बार राजद ने भी जीत का परचम लहराया। इसके अलावा लोकतांत्रिक कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल और जेडीयू को भी एक-एक बार गोविंदपुर से जीत हासिल हुई।

गोविंदपुर सीट का जातीय समीकरण

गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्र है। यहां एक भी शहरी वोटर रजिस्टर्ड नहीं है। 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां वोटरों की कुल संख्या 3,19,130 थी। जिनमें से 50.85 फीसदी वोटरों ने मतदान किया। 2024 के लोकसभा चुनावों में यहां मतदाताओं की संख्या बढ़कर 3,23,059 हो गई। गोविंदपुर विधानसभा सीट की स्थानीय सियासत पर यादव समुदाय का गहरा प्रभाव रहा है। यहां अब तक जितने भी उम्मीदवार विजयी हुए हैं, वे लगभग सभी इसी समुदाय से रहे हैं, भले ही उनके उपनाम अलग-अलग हों। इस सीट पर यादव समुदाय के वोटरों की आबादी करीब 20% है, जबकि अनुसूचित जाति (SC) के वोटर 25.19% हैं, लेकिन एससी मतदाताओं में यादवों की तरह एकजुटता देखने को नहीं मिलती। ऐसे में कई जातीय समूहों में बंटे होने के कारण उनका प्रभाव बिखरा हुआ नजर आता है। वहीं मुस्लिम वोटरों की आबादी 13.6 फीसदी है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारी author

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी... और देखें

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