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Digha Assembly Election 2025: दीघा में महिला वोटर बनेगी किंगमेकर; होगी BJP की हैट्रिक या महागठबंधन बदलेगा समीकरण

Digha Assembly Constituency (दीघा विधानसभा सीट): दीघा की राजनीति को समझने के लिए सिर्फ आंकड़े काफी नहीं हैं। यहां शहरी जीवनशैली, जातीय गणित और महिलाओं के बढ़ते प्रभाव, तीनों मिलकर नतीजा तय करते हैं। अब देखना होगा कि 2025 में यह सीट फिर बीजेपी के खाते में जाएगी या महागठबंधन यहां नए समीकरण खड़ा करने में सफल होगा।

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क्या है दीघा विधानसभा सीट का हाल चाल

Photo : Times Now Digital

Digha Assembly Constituency (दीघा विधानसभा सीट): पटना जिले की दीघा विधानसभा सीट इस बार भी चुनावी चर्चाओं के केंद्र में है। 2008 में परिसीमन के बाद बनी यह सीट 2010 में पहली बार चुनावी मैदान में आई थी। तब जेडीयू की पूनम देवी ने जीत हासिल की थी। लेकिन उसके बाद की कहानी पूरी तरह बदल गई। दो लगातार विधानसभा चुनावों (2015 और 2020) में यहां बीजेपी की जीत दर्ज हुई और संजीव चौरसिया ने इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत की।

महिला वोटर बनातीं समीकरण

दीघा सीट की सबसे बड़ी विशेषता है इसका महिला वोट बैंक। माना जाता है कि यहां महिलाओं का झुकाव जिस पार्टी की तरफ होता है, जीत उसी को मिलती है। इस बार भी महिला वोटरों की भूमिका निर्णायक रहने वाली है। पिछले चुनाव में महिलाओं की भागीदारी में काफी उछाल देखा गया था।

बीजेपी को मिलता फायदा

दीघा सीट लगभग पूरी तरह शहरी है। पटना नगर निगम के 14 वार्ड और छह पंचायतें यहां शामिल हैं। पाटलिपुत्र कॉलोनी जैसे पॉश इलाके भी इसी क्षेत्र का हिस्सा हैं। शहरी मतदाता और कायस्थ समाज का समीकरण यहां पहले दिन से बीजेपी को बड़ा फायदा देता रहा है। यही वजह है कि 2009 से लेकर 2024 तक लगातार चार लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी को इस क्षेत्र में बढ़त मिलती रही है।

दीघा में कब होंगे चुनाव (Digha Election Date)

नोटिफिकेशन की तारीख10 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख17 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख18 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख20 अक्टूबर 2025
मतदान6 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025

जातीय समीकरण का भी असर

दीघा में कायस्थ वोटर्स की संख्या अच्छी मानी जाती है, जिन्हें बीजेपी का पारंपरिक समर्थन हासिल है। इसके साथ ही यादव, राजपूत, भूमिहार, ब्राह्मण, कोइरी और कुर्मी समुदाय के वोट भी यहां निर्णायक माने जाते हैं। 2020 के आंकड़ों के अनुसार, यहां अनुसूचित जाति वोटर 10.68%, मुस्लिम वोटर 9.4% और ग्रामीण वोटर केवल 1.76% हैं।

इस बार मुकाबला दिलचस्प

2020 में यहां 4,60,868 वोटर थे, जो 2024 की लोकसभा तक बढ़कर 4,73,108 हो गए हैं। इस बार महागठबंधन की ओर से सीपीआई (एमएल) की दिव्या गौतम मैदान में हैं, जो लेफ्ट की इकलौती महिला उम्मीदवार हैं और दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कजिन भी हैं। वहीं बीजेपी ने फिर से संजीव चौरसिया पर भरोसा जताया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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