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Sahebganj Assembly Seat: साहेबगंज सीट पर अलग-अलग पार्टी को आजमाने का रहा है इतिहास, क्या भाजपा का खुलेगा खाता?

Bihar Assembly Election 2025 Sahebganj Seat: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में साहेबगंज सीट पर अलग-अलग पार्टी को आजमाने का रहा है इतिहास, जानिए यहां के चुनावी समीकरण और खास बातें..

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साहेबगंज सीट पर अलग-अलग पार्टी को आजमाने का रहा है इतिहास

Bihar Assembly Election 2025 Sahebganj Seat: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट राज्य की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक सीटों में से एक मानी जाती है। बाया नदी के किनारे बसा यह इलाका उत्तर में पूर्वी चंपारण जिले के मेहसी और कल्याणपुर व दक्षिण में गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर से घिरा हुआ है।

यह सीट वैशाली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसमें साहेबगंज प्रखंड के साथ-साथ पारू ब्लॉक की 20 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, जिनमें अनादपुर खरौनी, बहदीनपुर, बैजलपुर, चक्की सुहागपुर, चांदकेवारी, डेवरिया (पूर्व एवं पश्चिम), धरफरी, फतेहाबाद, ग्यासपुर, जफरपुर, जयमल डुमरी, कटारू, खुटहीं, मोहब्बतपुर, मोहजम्मा, नेकनामपुर, पांडेह, उस्ती और जालंधर बैठा टोला बिशुनपुर सरैया शामिल हैं।

बता दें कि एनडीए ने इस सीट से राजू कुमार सिंह कर्णजीत सिंह को उतारा है तो इस सीट से महागठबंधन के उम्मीदवार पृथ्वी नाथ राय हैं वहीं यहां से ठा. हरिकिशोर सिंह जनसुराज पार्टी से मैदान में हैं।

पहली बार 1952 में चुनाव हुए

साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1951 में हुई थी। पहली बार 1952 में चुनाव हुए, लेकिन 1957 में यह क्षेत्र चुनावी नक्शे से हटा दिया गया। बाद में 1962 में इसे फिर से बहाल किया गया। तब से अब तक यहां 17 बार चुनाव हो चुके हैं, जिनमें एक उपचुनाव (1982) भी शामिल है।

शुरुआती दशकों में यहां कांग्रेस पार्टी का दबदबा

शुरुआती दशकों में यहां कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा, जिसने कुल 7 बार जीत दर्ज की। कांग्रेस की अंतिम जीत 1985 में हुई। इसके बाद जनता दल, जदयू और राजद ने दो-दो बार यह सीट जीती। वहीं, भाकपा, लोक जनशक्ति पार्टी, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी एक-एक बार जीत हासिल की।

जनता ने पिछले दो दशकों में बार-बार बदलाव को तवज्जो दी

दिलचस्प यह है कि साहेबगंज की जनता ने पिछले दो दशकों में बार-बार बदलाव को तवज्जो दी है। 2005 और 2010 के चुनावों में जदयू के राजू कुमार सिंह विजयी रहे। 2015 में जनता ने राजद के रामविचार राय को मौका दिया। 2020 में वीआईपी उम्मीदवार के रूप में राजू कुमार सिंह ने फिर से जीत हासिल की, जिन्होंने राजद के रामविचार राय को हराया।

क्षेत्र में राजपूत, यादव, मुस्लिम और भूमिहार मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक

बाद में राजू कुमार सिंह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा से राजू कुमार सिंह फिर से चुनाव मैदान में हैं। राजद ने पृथ्वी नाथ राय को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, जन सुराज पार्टी ने ठाकुर हरि किशोर सिंह को टिकट दिया है। इस क्षेत्र में राजपूत, यादव, मुस्लिम और भूमिहार मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है, जो चुनाव परिणामों पर सीधा असर डालते हैं। इसके अलावा वैश्य, निषाद और अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) के मतदाता भी कई बार निर्णायक साबित हुए हैं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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