Bihar Assembly Election 2025 : बिहार चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सीटों की घोषणा शनिवार शाम या रविवार सुबह तक हो सकती है। गठबंधन के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गठबंधन के सहयोगियों में सीट बंटवारे पर सहमति करीब-करीब बन गई है। दिल्ली में शनिवार को हो रही बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग जाएगा जिसके बाद सीटों की घोषणा होगी। दिल्ली में भाजपा आलाकमान के साथ एनडीए के अन्य दलों के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है।
सीट बंटवारे पर मांझी ने क्या कहा..
सूत्रों का कहना है कि NDA में सीट बंटवारे पर बना गतिरोध खत्म हो गया है। चिराग पासवान के बाद हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने भी शनिवार को ऐसा ही संकेत दिया। पटना से दिल्ली के लिए रवाना होते समय मीडिया से बातचीत में मांझी कहा कि सीट बंटवारे पर फैसला करना है और हम लोग एनडीए के सहयोगी दल हैं। हम दिल्ली जा रहे हैं। मांझी ने कहा कि वह अनुशासित व्यक्ति हैं और अनुशासित ही रहेंगे। बिहार में विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान दो चरणों 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा जबकि चुनाव नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। एनडीए ने अभी अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।
चिराग ने किया था सख्त रुख
दरअसल, केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के तेवर की वजह से एनडीए में सीट बंटवारे को पेचीदा बना दिया था लेकिन शुक्रवार को चिराग ने भी सहमति के संकेत दे दिए। उपेंद्र कुशवाहा पहले ही हामी भर चुके हैं। अब सीट बंटवारे पर चिराग, मांझी की सहमति भी आ गई है। ऐसे में एनडीए में सीट बंटवारे पर बना गतिरोध समाप्त हो गया है। अब भाजपा तेजी के साथ सीट बंटवारे पर अंतिम रूप देगी और फिर उम्मीदवारों की घोषणा होगी।
जहां मेरे पीएम वहां मुझे अपने सम्मान की चिंता नहीं-चिराग
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने भाजपा नेता नित्यानंद राय से बातचीत की। बातचीत के बाद उन्होंने कहा ,"मीटिंग सकारात्मक रूप से चल रही है और अब अपने अंतिम चरण में है। हम सभी छोटे-छोटे मुद्दों, सीटों, उम्मीदवारों और प्रचार पर चर्चा करना चाहते हैं। जहां मेरे प्रधानमंत्री हैं वहां मुझे अपने सम्मान की चिंता नहीं है।"
मटिहानी सीट को लेकर जद-यू से गतिरोध
मटिहानी सीट को लेकर जद(यू) और लोजपा (रामविलास) के बीच टकराव की स्थिति है। जद(यू) का कहना है कि यह सीट उनके मौजूदा विधायक की है, जबकि चिराग का तर्क है कि यह सीट 2020 में उनकी पार्टी के टिकट पर जीती गई थी। वहीं, मोतिहारी के गोविंदगंज सीट पर चिराग अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी के लिए मांग रहे हैं, जबकि वहां भाजपा का वर्तमान विधायक है।
