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Bahrampur Lok Sabha Chunav Parinam 2024: बहरामपुर से यूसुफ पठान से लगाया विनिंग शॉट, अधीर रंजन चौधरी का किला ढहा

Bahrampur Lok Sabha Seat: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बहरामपुर सीट से क्रिकेटर यूसुफ पठान ने विनिंग शॉट लगाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी अधीर रंजन चौधरी का किला ढहा दिया है। यूसुफ पठान ने 85,022 वोट के अंतर से जीत दर्ज की है। बता दें कि अधीर रंजन चौधरी 1999 से इस सीट पर काबिज हैं।

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Bahrampur Lok Sabha Chunav Parinam 2024: बहरामपुर से यूसुफ पठान से लगाया विनिंग शॉट, अधीर रंजन चौधरी का किला ढहा

Bahrampur Lok Sabha Seat: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बहरामपुर सीट से क्रिकेटर यूसुफ पठान ने विनिंग शॉट लगाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी अधीर रंजन चौधरी का किला ढहा दिया है। यूसुफ पठान ने 85,022 वोट के अंतर से जीत दर्ज की है। बता दें कि अधीर रंजन चौधरी 1999 से इस सीट पर काबिज हैं, लेकिन इस बार उन्हें यूसुफ पठान ने करारी शिकस्त दी है।

किसे कितने वोट मिले

क्रमांकउम्मीदवारपार्टीवोट
1यूसुफ पठानटीएमसी5,24,516
2अधीर रंजनकांग्रेस4,39,494
3निर्मल कुमार साहभाजपा3,71,885

इस बार त्रिकोणीय मुकाबला

अधीर रंजन के खिलाफ इंडी गठबंधन में होने के बावजूद ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान को मैदान में उतारा है। उससे यह लड़ाई त्रिकोणीय हो गई है। अब लड़ाई इतनी रोचक है कि बहरामपुर लोकसभा सीट में कांग्रेस, टीएमसी और भाजपा में कौन जीतेगा, इसके कयास बड़े-बड़े पंडित भी नहीं लगा पा रहे हैं। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी के लिए जहां यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय बन गए हैं। वहीं यूसुफ पठान और निर्मल कुमार साहा के लिए राजनीतिक पहचान बनाने का मौका है।

2019 में कैसे रहे थे नतीजे

ममता बनर्जी 2011 से सत्ता में रहने के बावजूद, बहरामपुर के किले को भेद नहीं पाई हैं। 2009 में अधीर रंजन चौधरी ने रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के प्रमोद मुखर्जी को हराया था। उसके बाद से वह लगातार यहां से जीतते रहे हैं। बहरामपुर में 52% मुस्लिम, 13.2% अनुसूचित जाति और 0.9% अनुसूचित जनजाति के मतदाता है। बहरामपुर संसदीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित है। यह एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर है, यहां कुल मतदाताओं की संख्या 17 लाख से ज्यादा है।
Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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