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Haryana Elections: ईवीएम में कैद हुई 1 हजार 31 उम्मीदवारों की किस्मत, 66% से अधिक हुआ मतदान; 2019 की तुलना में अधिक या कम?

Assembly Elections 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव में 66 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। इस चुनाव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा के अनिल विज और ओपी धनखड़, कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा और विनेश फोगाट, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय सिंह चौटाला और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दुष्यंत चौटाला प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।

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हरियाणा में कितने वोट पड़े?

Photo : PTI

Haryana Election Voting: हरियाणा विधानसभा चुनाव में शनिवार को 66 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। कई एग्जिट पोल में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है, जो एक दशक के बाद वापसी की उम्मीद कर रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एक बयान अनुसार, 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक हुआ मतदान मामूली झड़पों को छोड़कर, मोटे तौर पर शांतिपूर्ण रहा।

पिछले चुनाव की तुलना में मतदान कम हुआ या अधिक?

देर रात 11:55 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 66.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है तथा सभी सूचनाएं आने पर इसमें और वृद्धि हो सकती है। राज्य में 2019 के विधानसभा चुनाव में लगभग 68 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस वर्ष लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य की कुल 10 सीट पर 64.8 वोटिंग हुई थी। निर्वाचन आयोग ने कहा कि बुजुर्ग मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या होने के कारण, 100 वर्ष से अधिक आयु के कई मतदाता उत्साह के साथ चुनावी उत्सव में भाग लेते देखे गए।

किन-किन दिग्गजों की किस्मत हुई कैद?

भाजपा, कांग्रेस, इनेलो-बसपा और जजपा-आजाद समाज पार्टी गठबंधन और आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ने वाली प्रमुख पार्टियां हैं। कुल 1,031 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 101 महिलाएं और 464 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। मतगणना आठ अक्टूबर को होगी। इस चुनाव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा के अनिल विज और ओपी धनखड़, कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा और विनेश फोगाट, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय सिंह चौटाला और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दुष्यंत चौटाला प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।

उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच हुई मामूली झड़प

महम विधानसभा क्षेत्र से हरियाणा जन सेवक पार्टी के उम्मीदवार बलराज कुंडू ने पूर्व विधायक आनंद सिंह डांगी पर मतदान केंद्र पर उन पर और उनके सहायक पर हमला करने का आरोप लगाया है। नूंह जिले में पुन्हाना से कांग्रेस के मौजूदा विधायक और निर्दलीय उम्मीदवार रईस खान के समर्थकों के बीच निर्वाचन क्षेत्र के एक गांव में झड़प हो गई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। पानीपत के नोहरा गांव में पुलिस ने बताया कि उन्हें मतदान केंद्र पर झगड़े की सूचना मिली थी, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हिसार जिले के नारनौंद में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच मामूली झड़प की खबरें हैं। कुरुक्षेत्र के लाडवा से चुनाव लड़ रहे सैनी ने अंबाला जिले के नारायणगढ़ में अपने पैतृक गांव मिर्जा में वोट डाला।

उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वह दलित समुदाय का लगातार अपमान करती रही है और उसके उत्थान के लिए कभी कोई योजना नहीं लाई। उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस का दोहरा चेहरा है, वे ईमानदारी की बात करते हैं, लेकिन लूट में लिप्त हैं।” हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि दो ओलंपिक पदक जीतने वाली मनु भाकर (22) ने अपने माता-पिता के साथ झज्जर जिले के गोरिया गांव में मतदान किया। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और कहा कि उनकी पार्टी अगली सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस आलाकमान अगले मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करेगा।

घोड़े पर सवार होकर वोट डालने पहुंचे नवीन जिंदल

रोहतक जिले के गढ़ी सांपला-किलोई से दोबारा चुनाव लड़ रहे हुड्डा ने कहा, “भाजपा जा रही है, कांग्रेस आ रही है।” कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नवीन जिंदल घोड़े पर सवार होकर वोट डालने पहुंचे। अमेरिका में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर रशिका गुप्ता ने कहा कि वह अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए घर लौटी हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मैं कैथल के विकास के लिए वोट देने आई हूं।” कुरुक्षेत्र जिले के निवासी सुनील कुमार अपने विवाह के लिये जाने से पहले वोट डालने पहुंचे। कांग्रेस उम्मीदवार और ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट ने लोगों से अपनी ताकत पहचानने और हरियाणा विधानसभा चुनाव में शनिवार को मताधिकार का इस्तेमाल करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह बदलाव का दिन है।

वह जींद जिले की जुलाना सीट से चुनाव लड़ रही हैं। इस बीच, पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पुनिया ने दावा किया कि पूरे हरियाणा में कांग्रेस की लहर है। उन्होंने कहा कि पार्टी 60 से 70 सीटें जीतेगी। सुबह जल्दी मतदान करने वालों में सैनी, खट्टर, भाजपा के कुलदीप बिश्नोई और उनका परिवार तथा जजपा के दुष्यंत चौटाला और उनका परिवार शामिल थे। आप की हरियाणा इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने कलायत में अपना वोट डाला, जहां से वह चुनाव लड़ रहे हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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