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Assembly Elections 2023: दांव पर दिग्गजों और माननीयों की साख, मध्य प्रदेश की 230 तो छत्तीसगढ़ 70 सीटों पर मतदान आज

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 17, 2023, 01:24 AM IST

Assembly Elections 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में 230 सीटों पर 2533 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर है। वहीं छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 70 सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होगा।

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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मतदान

Photo : BCCL

Assembly Elections 2023: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। शुक्रवार यानी 17 नवंबर को दोनों राज्यों में मतदान होना है। मध्य प्रदेश में जहां 230 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा तो वहीं छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के मतदान में 70 सीटों पर वोटिंग होगी। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग की ओर से इसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। इसी के साथ दोनों राज्यों में प्रत्याशियों की किस्मत भी ईवीएम में बंद हो जाएगी। बता दें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे।

मध्य प्रदेश में 2533 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर

चुनाव आयोग के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में 230 सीटों पर 2533 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर है। इसमें 2280 पुरुष प्रत्याशी व 252 महिलाएं हैं। वहीं एक प्रत्याशी थर्ड जेंडर का है। चुनाव आयोग ने राज्य में मतदान के लिए 64,626 मतदान केंद्र बनाए हैं, जहां 5,60,58,521 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

मध्य प्रदेश: इन दिग्गजों के बीच मुकाबला

मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, बसपा-सपा और आम आदमी पार्टी की एंट्री ने चुनाव को और भी रोमांचक बना दिया है। मतदान में सभी की निगाहें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बुधनी विधानसभा सीट पर होंगी। कांग्रेस ने इस बार शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ टीवी धारावाहिक में हनुमान की भूमिका निभाने वाले अभिनेता विक्रम मस्तल को मैदान में उतारा है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने 2019 में भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जीत के लिए मिर्ची से हवन करने वाले मिर्ची बाबा को मैदान में उतारा है। वहीं, भोपाल शहर के बाहरी इलाके में स्थित रायसेन जिले की एक और महत्वपूर्ण सीट भोजपुर 1982 से भाजपा के पास है। केवल 2003 में इसके विधायक सुरेंद्र पटवा कांग्रेस के राजेश पटेल से हार गए थे। भाजपा के दिग्गज नेता रहे सुरेंद्र पटवा के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा ने इस सीट से चार बार जीत हासिल की थी। इस सीट से सुरेंद्र पटवा एक बार फिर मैदान में हैं। होशंगाबाद सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प हो गया है क्योंकि दो भाई गिरिजाशंकर शर्मा (कांग्रेस) और सीताशरण शर्मा (भाजपा) एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। इस क्षेत्र में एक अन्य पारिवारिक लड़ाई में, मौजूदा भाजपा विधायक संजय शाह अपने भतीजे और कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत शाह के खिलाफ हरदा जिले की टिमरनी सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में 958 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला

छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 70 सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होगा। मंत्रियों और चार सांसदों समेत 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में 70 सीटों पर 1,63,14,479 मतदाता 827 पुरुषों, 130 महिलाओं और एक तृतीय लिंग के उम्मीदवार समेत कुल 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। दूसरे चरण के लिए 18,833 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन मतदान केंद्रों में से 700 संगवारी बूथ हैं जिनका प्रबंधन महिला मतदानकर्मियों द्वारा किया जाएगा।

छत्तीसगढ़: कांग्रेस-भापा के बीच कांटे का मुकाबला

चुनाव आयोग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण में 70-70 उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस से तथा 43 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी (आप) से है। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) से 62, हमर राज पार्टी के 33, बहुजन समाज पार्टी से 43 तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से 26 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। दूसरे चरण में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (पाटन), राज्य विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत (सक्ती), उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव (अंबिकापुर), गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू (दुर्ग ग्रामीण) और रवींद्र चौबे (साजा) सहित राज्य के आठ मंत्रियों के भाग्य का फैसला शुक्रवार को होगा। वहीं भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अरुण साव (लोरमी), नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल (जांजगीर-चांपा), केंद्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री रेणुका सिंह (भरतपुर-सोनहत-एसटी), सांसद गोमती साय (पत्थलगांव-एसटी), वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल (रायपुर दक्षिण), अजय चंद्राकर (कुरुद) और पुन्नूलाल मोहिले (मुंगेली) दूसरे चरण में प्रमुख उम्मीदवार हैं। मुख्यमंत्री बघेल अपनी पारंपरिक पाटन सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जहां भाजपा ने उनके दूर के भतीजे और पार्टी के सांसद विजय बघेल को मैदान में उतारा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी के पाटन से मैदान में उतरने से मुकाबले में एक और आयाम जुड़ गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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