UP Chunav: उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण में 61% वोटिंग, 586 उम्मीदवारों का होगा फैसला, 2017 में BJP रही थी हावी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 15, 2022, 12:09 AM IST

UP Election: उत्तर प्रदेश में सोमवार को दूसरे चरण में 9 जिलों की 55 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। 61 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। सहारनपुर में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई।

UP Chunav: उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण में 61% वोटिंग, 586 उम्मीदवारों का होगा फैसला, 2017 में BJP रही थी हावी
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UP Elections: उत्तर प्रदेश में सोमवार को दूसरे चरण का मतदान हुआ। इस चरण में 9 जिलों की 55 सीटों पर मतदान हुआ। शाम 6 बजे तक 61 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। सबसे अधिक मतदान सहारनपुर में 67.52 प्रतिशत और सबसे कम शाहजहांपुर में 55.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। यूपी के अमरोहा जिले में 66.15 फीसदी, बरेली में 58.82 फीसदी, बिजनौर में 62.11 फीसदी, बदायूं में 56.83 फीसदी, मुरादाबाद में 64.56 फीसदी, रामपुर में 62.31 फीसदी और संभल में 56.88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश में नौ जिलों के 55 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 2.02 करोड़ मतदाता 586 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इन जिलों में सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर शामिल हैं। राज्य में पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान हुआ था। तीसरे चरण के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है। परिणामों की घोषणा 10 मार्च को होगी। 

सेकेंड राउंड में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ, लेकिन इस दौरान भी विवादों के अलग-अलग सुर सुनाई दिए। समाजवादी पार्टी ने जहां एक तरफ कुछ जगहों पर ईवीएम में खराबी को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई तो वहीं बीजेपी भी चुनाव आयोग पहुंची और लिखित शिकायत देकर कहा कि हिजाब में महिलाओं को वोटिंग देने से रोका जाए, क्योंकि इसी की आड़ में कई जगह फर्जी मतदान हुए। यूपी के दूसरे चरण में 9 जिलों पर रण मुस्लिम बहुल इलाकों में हुआ। जिसमें बरेली से लेकर रामपुर तक के जिले शामिल थे। दूसरे चरण में कुल 77 मुस्लिम उम्मीदवार थे। रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर जिले में कुल मिलाकर 35-40 सीट ऐसी थी, जो पूरी तरह से मुस्लिम बहुल थी। यहां वोटिंग परसेंट भी काफी हाई रहा। 

2017 के नतीजे देखें तो बीजेपी ने भले ही इन 55 सीटों में से तब 38 सीट जीत ली हों और समाजवादी पार्टी के खाते में महज 15 सीट ही आई हों लेकिन उस वक्त भी यहां की कई सीट पर हार-जीत का अंतर बेहद मामूली था। 

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