Dr Sarvepalli Radhakrishnan Birthday, Teacher's Day History in Hindi: भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस यानी टीचर्स डे (
Dr Sarvepalli Radhakrishnan ka Jeevan Parichay: डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का प्रारंभिक जीवन
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुतानी गांव के एक गरीब परिवार में हुआ था। आर्थिक तंगी के बावजूद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई में कोई कमी नहीं छोड़ी। डॉ. राधाकृष्णन को अपने पूरे शैक्षणिक जीवन में छात्रवृत्तियां मिलती रहीं। बता दें कि उनकी शुरुआती पढ़ाई- लिखाई तिरुतानी और तिरुपति के एक स्कूल से हुई थी। इसके बाद उन्होंने वेल्लोर के वूरहीस कॉलेज से माध्यमिक शिक्षा हासिल की। डॉ. राधाकृष्णन ने साल 1905 में कला संकाय की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। फिर उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से फिलॉसफी विषय में बैचलर्स और मास्टर्स की डिग्री हासिल की थी।
Dr Sarvepalli Radhakrishnan Teaching Career: 40 साल शिक्षक के रूप में किया काम
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने 40 साल तक शिक्षक के रूप में काम किया था। उन्होंने सबसे पहले मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज में पढ़ाया। फिर साल 1918 में उन्हें मैसूर विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय में भी पढ़ाया था। वह आंध्र विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी काम कर चुके थे। साल 1954 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।
Dr. Sarvepalli Quotes In Hindi
- शिक्षक वो नहीं, जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन डाले, बल्कि वास्तविक शिक्षक वो है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करे।
- हर्ष और आनंद से परिपूर्ण जीवन केवल ज्ञान और विज्ञान के आधार पर संभव है।
Dr Sarvepalli Radhakrishnan Birth Anniversary: शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए जन्मदिन
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने साल 1962 में जब राष्ट्रपति का पद संभाला तो उनके कुछ पुराने दोस्त और छात्र बड़ी धूमधाम से उनका जन्मदिन मनाना चाहते थे। हालांकि, डॉ. राधाकृष्णन का कहा था कि यदि उनका जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो उन्हें ज्यादा गर्व महसूस होगा। तभी से देश में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन स्कूल और कॉलेज में तरह तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और सभी छात्र भी इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
