एजुकेशन

बैंक में Forex Officer कौन होता है, जानें क्या होता है काम ?

Forex Officer in Bank: बैंक में छोटे से लेकर बड़े तक एक्सपीरियंस के हिसाब से कई पद होते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि बैंक में फॉरेक्स ऑफिसर का क्या काम होता है?

Image

Forex Officer

Who is Forex Officer in Bank : आजकल के समय में बिजनेस बहुत तेजी से ग्लोबल हो रहा है। बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो आपने यहां फॉरेक्स ऑफिसर के बारे में कभी न कभी सुना ही होगा। बैंक में इस पद पर तैनात कर्मी का काफी अहम रोल होता है। क्या आप जानते हैं कि फॉरेक्स ऑफिसर कौन होता है और इनका क्या काम होता है। इस अफसर को कितनी सैलरी मिलती है और ये बनते कैसे हैं। चलिये इस लेख में जानते हैं।

कौन होता है फॉरेक्स ऑफिसर ? Who is Forex Officer :

बैंकिंग सेक्टर में फॉरेक्स ऑफिसर की भूमिका बेहद जरूरी होती है। ये वही अफसर होते हैं, जो देश-विदेश के बीच होने वाले पैसों के लेन-देन को सुरक्षित और नियमों को देखते हैं। आसान भाषा में समझें तो जब भी रुपये को डॉलर, यूरो को किसी अन्य विदेशी मुद्रा में बदला जाता है तो उस प्रोसेस को पूरा करने की जिम्मेदारी फॉरेक्स ऑफिसर की होती है। फॉरेक्स अफसर का काम सिर्फ करेंसी बदलना ही नहीं होता बल्कि वे इंटरनेशनल व्यापार से जुड़े कई अहम काम (Forex Officer in Bank) संभालते हैं।

क्या करते हैं फॉरेक्स ऑफिसर ?

ये इंपोर्ट-एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के पेमेंट को प्रोसेस करना, विदेश से आने वाले पैसे को मैनेज करना और एलसी (Letter of Credit) व बैंक गारंटी को जारी करना। इसके साथ ही उन्हें विदेशी मुद्रा बाजार में रोज बदलते हुए रेट्स पर भी नजर रखनी होती है ताकि ग्राहकों और बैंक दोनों को ही सही डील मिल सके।

नियमों की जानकारी बेहद जरूरी

बैंकिंग सेक्टर में इस पद पर तैनात शख्स को नियमों की जानकारी होनी बेहद जरूरी है। खासतौर पर Reserve Bank of India द्वारा बनाए गए विदेशी मुद्रा नियम (FEMA) के पान करने की जिम्मेदारी उनकी होती है। किसी भी गलती से बैंक को एक बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है इसलिये ये नौकरी काफी जिम्मेदारी और सावधानी की होती है।

कैसे बनते हैं फॉरेक्स ऑफिसर ?

योग्यता की बात करें तो फॉरेक्स ऑफिसर बनने के लिए आमतौर पर बैंकिंग सेक्टर में एंट्री लेनी जरूरी है। आप बैंक PO या फिर क्लर्क के रूप में जॉब शुरू कर सकते हैं और फिर बाद में फॉरेक्स डिपार्टमेंट में पोस्टिंग पा सकते हैं। इसके अलावा MBA (Finance या International Business) करने वाले उम्मीदवारों को भी इस क्षेत्र में अच्छा मौका मिलता है। अंग्रेजी भाषा में काफी अच्छी खासी पकड़ होनी जरूरी है। क्योंकि इंटरनेशनल फाइसेंस की समझ नौकरी में काफी अहम होती है।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

और पढ़ें
End of Article