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भारत का इकलौता जिला, जिसे उल्टा लिखो या सीधा नहीं बदलता नाम

Which District Name Is The Same From Both Sides: क्या आप जानते हैं कि भारत का ऐसा कौन सा जिला है जिसे उल्टा लिखो या सीधा नाम नहीं बदलता है। अगर आप भी नहीं जानते हैं कि ये कौन सा जिला है तो यहां जान लीजिए। अपने आपको जीके का धुरंधर बताने वाले भी इस जिले का नाम नहीं बता पाए हैं।

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भारत का ऐसा कौन सा जिला है जिसे उल्टा लिखी सीधा नाम नहीं बदलता है

Which District Name Is The Same From Both Sides: भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। जिसमें कुल 797 जिले हैं। इसमें राज्यों में 752 जिले और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 45 जिले हैं। प्रत्येक जिले का अपना अलग महत्व और इतिहास है। ये जिले केवल प्रशासनिक इकाइयां नहीं बल्कि कृषि, उद्यो, पर्यटन और कला का केंद्र भी है। साथ ही हर जिले का अपना भाषा, खान-पान, पहनावा और लोक कला है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का ऐसा कौन सा जिला है जिसे उल्टा लिखो या सीधा नाम नहीं बदलता है।

अगर आप भी नहीं जानते हैं कि ये कौन सा जिला है तो यहां जान लीजिए। अपने आपको जीके का धुरंधर बताने वाले भी इस जिले का नाम नहीं बता पाए हैं। अगर आप भी नहीं जानते हैं कि कि किस जिले को उल्टा लिखो या सीधा नाम नहीं बदलता है तो यहां जान लीजिए।

General Knowledge: किस जिले को उल्टा लिखो या सीधा नहीं बदलता नाम

बता दें यहां हम उड़ीसा राज्य के कटक जिले की बात कर रहे हैं। यह एकमात्र ऐसा जिला है जिसका नाम उल्टा लिखो या सीधा नहीं बदलता है। कहा जाता है कि इस जिले का इतिहास करीब एक हजार साल पुराना है। इसकी स्थापना 989 ईस्वी में केसरी राजवंश के नृप केशरी ने की थी। कहा जाता है कि यह नगर करीब एक हजार साल तक ओडिसा की राजधानी रहा है। यहां गंग वंश और सूर्य वंश ने शासन किया था।

ताराकाशी कला के लिए प्रसिद्ध

मध्यकाल में यह कटक कपड़े, विशेष रूप से रेशमी और सूती वस्त्रों के लिए प्रसिद्ध था। धीरे-धीरे कटक सिल्वर फिलिग्री कला यानी चांदी के तारों की नाजुक कलाकारी के लिए पूरी दुनिया में पहचाना जाने लगा, जिसे आज ताराकाशी कला कहा जाता है।

अफगान और मुगल का प्रभाव

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 16वीं शताब्दी के बाद कटक पर अफगान, मुगल और फिर मराठों का प्रभाव पड़ा, और 1803 में यह ब्रिटिश शासन के नियंत्रण में आ गया। अंग्रेजों के शासनकाल में कटक प्रशासन और न्याय व्यवस्था का बड़ा केंद्र बना तथा शिक्षा और आधुनिक शहर व्यवस्था का विकास हुआ।

Aditya Singh
आदित्य सिंह author

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्र... और देखें

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