Where is India's Highest Village : साल 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 6 लाख से भी ज्यादा गांव हैं। कई ऐसे गांव हैं, जो अपनी किसी न किसी खासियत के चलते देशभर में मशहूर हैं। ऐसा ही एक गांव है, जो काफी ऊंचाई पर बसा हुआ है। आलम ये है कि गांव में 12 महीने ठंड ही रहती है। यहां पर जून के महीने में भी कड़ाके की ठंड लोगों को झेलनी पड़ती है। क्या आपको पता है कि भारत का ये सबसे ऊंचा गांव कहां पर है? प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ये सवाल बेहद जरूरी है।
भारत का सबसे ऊंचा गांव
भारत का सबसे ऊंचा गांव देखने दूर दूर से लोग आते हैं। ट्रैकिंग के शौकीन लोगों के लिए ये किसी जन्नत से कम नहीं है। लेकिन यहां पर आना अपने आप में काफी बड़ी चुनौती भी है। क्योंकि यहां तापमान बेहद कम रहता है। समुद्र तल से इस गांव की ऊंचाई 15027 फीट है। इसलिये इसे सबसे ऊंचे गांव का टैग मिला हुआ है। यहां पहुंचना किसी भी घुमक्कड़ के लिए किसी मेडल जीतने से कम नहीं है। यहां की दुनिया वाकई काफी जादुई है। (where is indias highest village)
दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल गांव
ये गांव हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में बसा हुआ है, जिसका नाम है- कोमिक या कौमिक (Komic). हिमालल के स्पीति जिले में स्थित ये गांव दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल गांव है। इस गांव की आबादी काफी कम है। यहां पर तकरीबन 12 ही घर हैं। यहां पर बौद्ध धर्म के केंद्र देखने को मिलते हैं। यहां का मठ दुनिया के सबसे ऊंचे मठों में से एक है। सर्दियों के मौसम में यहां भारी बर्फबारी देखने को मिलती है।
गाड़ी से आते हैं लोग
इस अनोखी बस्ती की सबसे बड़ी पहचान इसकी भौगोलिक स्थिति है। ये गांव 4587 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है, जो दुनिया का वो आखिरी सिरा है, जहां पर अपनी गाड़ी से सवार होकर लोग पहुंच सकते हैं। इस गांव से आसामान इतना नीला और साफ नजर आता है कि पूरी आकाशगंगा को अपनी आंखों से देखा जा सकता है। आधुनिक दुनिया की चकाचौंध से दूर ये गांव आज भी प्रकृति की गोद में खुद को समेटे हुए है।
कम हो जाता है ऑक्सीजन लेवल
ये गांव देखने में जितना सुंदर है उतनी ही मुश्किल यहां रहने वालों की चुनौती है। यहां पर साल भर हाड़ कंपा देने वाली ठंड होती है। यहां आते आते ऑक्सीजन का स्तर इतना कम हो जाता है कि किसी सामान्य इंसान के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाए।
