What is NAAC Accreditation in Hindi: 'राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद' को शॉर्ट में 'NAAC' लिखा जाता है। ये भारत की एक स्वायत्त संस्था है, जो उच्च शिक्षण संस्थानों (HEI) जैसे कॉलेजों, विश्वविद्यालयों या अन्य मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन करती है और उसे मान्यता देती है। ऐसा करने से उस संस्थान की 'गुणवत्ता' यानी क्वालिटी का आकलन होता है। NAAC शैक्षिक प्रक्रियाओं व उनसे निकलने वाले रिजल्ट, करिकुलम कवरेज, टीचिंग लर्निंग प्रोसेस, संकाय (फैकल्टी), अनुसंधान (रिसर्च), इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षण संसाधनों, संगठन, शासन और छात्र सेवाओं से संबंधित मानकों के अनुरूप संस्थानों का मूल्यांकन करता है, और उसे ग्रेड देता है जैसे आपने देखा होगा कि किसी विश्वविद्यालय की साइट पर लिखा है: A++, A+, A, B इत्यादि
यानी भारत में किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा मान्यताप्राप्त होना चाहिए....तो फिर इसके मान्यता के बिना फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैसे चल रही थी। ये वही यूनिवर्सिटी है जिसका सीधा तार दिल्ली के लाल किले ब्लास्ट से जुड़ा है।
कैसे चेक करें किसी यूनिवर्सिटी/कॉलेज की NAAC मान्यता, How to check NAAC accreditation of University/ College
किसी भी यूनिवर्सिटी और कॉलेज का NAAC एग्रीडेशन चेक करना सबसे जरूरी प्रोसेस है। लेकिन पता कैसे लगाया जाए कि वहां दी गई ग्रेडिंग असली है या फर्जी। चलिए जानते हैं:
ये रहा डायरेक्ट लिंक Check Your University or College
ध्यान दें, यदि इस प्रोसेस के बाद यूनिवर्सिटी या कॉलेज का नाम नहीं मिलता, तो वो संस्थान NAAC Accredited नहीं है।
NAAC क्यों है जरूरी, NAAC की स्थापना, NAAC Importance
NAAC की शुरुआत या स्थापना 1994 में की गई, इसका मुख्यालय बैंगलूरू में है। आसान भाषा में कहें तो NAAC को शुरू करने का मुख्य उद्देश कॉलेज या यूनिवर्सिटी की एजुकेशन की क्वालिटी को अलग अलग पैमाने पर मापना है। NAAC के कई पैरामीटर है, जिनके आधार पर वो कॉलेज या यूनिवर्सिटी को मान्यता देती है।
NAAC कई मापदंडों पर संस्थानों का मूल्यांकन करता है, जिनमें शामिल हैं:
इससे उस संस्थान में प्रवेश लेने वाले छात्रों को ये पता चलता है कि वो कॉलेज या यूनिवर्सिटी वास्तव में कहां स्टैंड करता है।
अल फलाह कॉलेज क्या मान्यताप्राप्त नहीं था?
ऐसा नहीं है कि अल फलाह कॉलेज NAAC द्वारा मान्यताप्राप्त नहीं था, असल में इसके इंजीनियरिंग कॉलेज को 2013 में ‘A’ ग्रेड दिया गया था और यह ग्रेड 2018 तक मान्य था। शिक्षक शिक्षा विभाग को 2011 में ‘A’ ग्रेड दिया गया था और यह 2016 तक मान्य था। नोटिस में कहा गया कि ये मान्यताएं समाप्त हो चुकी हैं। यानी साफ है इन मान्यताओं की समय सीमा होती है। समय समय पर NAAC की टीम सर्वे करती है और उस अनुसार ग्रेडिंग देती है। यदि ग्रेडिंग की समय सीमा समाप्त हो जाती है, उस कॉलेज या संस्थान को अपनी साइट पर ग्रेंडिग दिखाने का हक नहीं होता। जबकि अल फलाह यूनिवर्सिटी कुछ दिनों पहले तक वेबसाइट पर इस तरह की धोखाधड़ी कर रही थी, जिसके कारण वेबसाइट बंद कर दी गई।
उद्देश्य, Objective of NAAC
NAAC के उद्देश्यों में शामिल है:-
बता दें, कॉलेजों कोमूल्यांकन एवं प्रत्यायन (A&A) प्रक्रिया के लिए स्वेच्छा से NAAC टीम से आवेदन करना होता है।
राष्ट्रीय विकास में योगदान,Contribution to national development
अल फलाह यूनिवर्सिटी का आतंकी कनेक्शन
दिल्ली लाल किले के पास हुए इस आतंकवादी गतिविधि के बाद कई लोगों के नाम सामने आए, जिनमें से एक है शादाब बेग, जो कि अल फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र पाया गया है। ऐसे आरोप है कि यह संस्थान पिछले 17 सालों से पढ़ाई से हटकर आतंकी गतिविधि भी करा रहा है, या इससे जुड़ा हुआ है, ऐसे में यूनिवर्सिटी पर जांच अभी भी जारी है।