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भारत में बनने वाली चीनी कितने प्रकार की होती है? जानें स्वाद, पहचान और गुणवत्ता से जुड़े नियम

Types of Sugar Produced in India: भारत में सुबह की चाय के साथ मिठाईयों और कई अन्य पकवानों में मिठास भरने के लिए चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कितने प्रकार की चीनी है और सबसे प्राकृतिक प्रकार कौन सा है।

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Types of Sugar Produced in India (Photo - AI)

Types of Sugar Produced in India: मीठी चीजों के बारे में सोचते ही सबसे पहला ख्याल चीनी का आता है। भारतीय रसोई में चाय से लेकर मिठाइयों, शरबत और पकवानों का स्वाद चीनी के बिना अधूरा सा लगता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक और उपभोक्ता देशों में शुमार है। गन्ने की प्रचुर पैदावार वाले इस देश में चीनी का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाली और हर भारतीय के घर में इस्तेमाल होने वाली चीनी सिर्फ एक तरह की नहीं होती? रिफाईनमेंट और गुणवत्ता के आधार पर भारत में कई तरह की चीनी तैयार की जाती है। लेकिन हमें केवल एक सफेद रंग की चीनी (Sugar) के बारे में ही पता है, तो आइए जानते हैं कि भारत में कितने प्रकार की चीनी मिलती है और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा इसके उत्पादन व बिक्री को लेकर क्या नियम तय किए गए हैं।

सफेद दानेदार चीनी

भारत में सबसे अधिक सफेद दानेदार चीनी का इस्तेमाल होता है। इस चीनी का निर्माण गन्ने के रस को कई चरणों में उबालकर, छान कर और रासायनिक प्रक्रियाओं (सल्फाइटेशन और कार्बोनेशन) के जरिए साफ करने के बाद क्रिस्टलाइजेशन द्वारा सफेद दानेदार चीनी के तौर पर किया जाता है। इसका इस्तेमाल भारतीय रसोई में हर चीन यानी चाय से लेकर मिठाई तक बनाने के लिए किया जाता है।

कच्ची चीनी

कच्ची चीनी, वह होती है जिसका हल्का पीला या भूरा रंग होता है। यह पूरी तरह से रिफाइन नहीं की जाती। इसका निर्माण तब होता है, जब गन्ने के रस से पहली बार शीरा अलग किया जाता है, तो कच्ची चीनी प्राप्त होती है। इसमें प्राकृतिक गुण और खनिज कुछ हद तक बरकरार रहते हैं। इसके उपयोग के बारे में बात करें तो इसका उपयोग रिफाइनिंग मिलों में आगे की प्रोसेसिंग और अंतरराष्ट्रीय निर्यात (Export) के लिए किया जाता है।

भूरी चीनी

भूरी चीनी का रंग हल्का या गहरा भूरा होता है और इसमें हल्की नमी तथा विशिष्ट स्वाद होता है। सफेद चीनी में एक निश्चित मात्रा में प्राकृतिक शीरा (Molasses) मिलाकर या आंशिक रूप से रिफाइंड करके भूरी चीनी तैयार की जाती है। इसका उपयोग बेकरी उत्पादों, केक, कुकीज आदि में किया जाता है।

खांडसार या खांड

खांडसार या खांड, भारत की पारंपरिक और देसी चीनी है, जो हल्की पीली या सुरीले रंग की होती है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसके निर्माण में किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायन या ब्लीचिंग एजेंट का उपयोग नहीं किया जाता। गन्ने के रस को पारंपरिक तरीकों से उबालकर और मथकर खांड बनाई जाती है। इसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर पारंपरिक मिठाइयों, आयुर्वेदिक औषधियों और पूजा-पाठ में किया जाता है।

पिसी हुई चीनी या आइसिंग शुगर

पिसी हुई चीनी या जिसे आईसिंग शुगर एकदम बारीक पाउडर के रूप में होती है। इसका निर्माण सफेद दानेदार चीनी को बहुत महीन पीस कर किया जाता है। इसमें चीनी को जमने से रोकने के लिए थोड़ा से कॉर्नस्टार्च का भी इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि आइसिंग शुगर का इस्तेमाल मुख्य तौर पर बेकरी, केक फ्रॉस्टिंग, पेस्ट्री और डेजर्ट को डेकोरेट करने के लिए किया जाता है।

मिश्री

मिश्री अधिकांश घरों में इस्तेमाल की जाती है। यह चीनी का सबसे शुद्ध और बड़ा क्रिस्टल रूप होता है, जो पारदर्शी और ठोस पत्थरों जैसा दिखता है। इसका निर्माण चीनी के गाढ़े घोल को धागे के सहारे धीरे-धीरे ठंडा करके क्रिस्टलाइज किया जाता है। इसका इस्तेमाल माउथ फ्रेशनर, प्रसाद और आयुर्वेदिक दवाओं मे किया जाता है।

भारत में चीनी उत्पादन और बिक्री से जुड़े नियम

भारत में चीनी के उत्पादन, गुणवत्ता और बिक्री को नियंत्रित करने के लिए FSSAI के सख्त मानक और नियम बनाए गए हैं।

सुक्रोज की मात्रा: FSSAI के नियमानुसार, बाजार में बिकने वाली सफेद रिफाइंड चीनी में कम से कम 99.5% सुक्रोज होना अनिवार्य है।

सल्फर डाइऑक्साइड की सीमा: चीनी को सफेद करने के लिए इस्तेमाल होने वाले सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा नियमानुसार 20 से 70 ppm से अधिक नहीं होनी चाहिए।

पैकेजिंग और लेबलिंग नियम: पैकेट पर उत्पाद का प्रकार शुद्ध वजन, बैच नंबर, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और 'Best Before' तिथि स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए।

आवश्यक वस्तु अधिनियम: चीनी भारत में आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती है। केंद्र सरकार चीनी मिलों के लिए स्टॉक सीमा, रिलीज कोटा और बाजार मूल्य को नियंत्रित करने के नियम तय करती है ताकि देश में चीनी की किल्लत या कालाबाजारी को रोका जा सके।

कौन सी चीनी है अधिक नेचुरल

अगर भारत में इस्तेमाल होने वाली सबसे प्राकृतिक चीनी के प्रकार की बात करें तो कम केमिकल्स से तैयार 'खांड' या 'कच्ची चीनी' को सफेद रिफाइंड चीनी की तुलना में अधिक प्राकृतिक माना जाता है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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