Budget 2027 : क्या आप जानते हैं कि हर साल फरवरी के महीने में हमारे देश का बजट पेश किया जाता है? जिस तरह हमारे घर में मम्मी-पापा पूरे महीने की कमाई और खर्च की योजना बनाते हैं, ठीक उसी तरह भारत सरकार पूरे देश के लिए बजट तैयार करती है। सरकार ने अभी से अगले साल यानी 2027-28 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। इसका काम 12 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है।
12 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी बैठकें
देश के वित्त मंत्रालय ने बजट बनाने का काम शुरू कर दिया है। 12 अक्टूबर से मंत्रालयों और विभागों के बड़े अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी। इन बैठकों की अध्यक्षता खर्च सचिव (Expenditure Secretary) वी. वुलनाम करेंगे। इन बैठकों में यह तय किया जाएगा कि देश के अलग-अलग विभागों जैसे शिक्षा, खेल, सड़क निर्माण और स्वास्थ्य को कितना-कितना पैसा मिलेगा। सरकार का मुख्य मकसद फिजूलखर्ची को रोकना और देश के विकास कार्यों के लिए सही समय पर पैसा उपलब्ध कराना है।
6 अक्टूबर तक देनी होगी पूरी जानकारी
सरकार ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि वे 6 अक्टूबर तक अपनी पुरानी कमाई और आगे के खर्चों का सारा डेटा एक खास कंप्यूटर सिस्टम में भर दें। इस कंप्यूटर सिस्टम को 'यूनियन बजट इंफॉर्मेशन सिस्टम' (UBIS) कहा जाता है। मंत्रालयों को अपने कागजात सही-सही भरकर जमा करने होंगे। अगर कोई मंत्रालय समय पर जानकारी नहीं देगा, तो बैठकों की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
बजट बनाने के लिए क्या-क्या देखा जाएगा?
बजट बनाते समय अधिकारी पुरानी बातों का हिसाब लगाएंगे। वे देखेंगे कि इस साल सितंबर तक कितना पैसा खर्च हुआ, पिछले साल कितना खर्च हुआ था और आने वाले महीनों में कितने पैसे की जरूरत पड़ेगी। जो पुरानी योजनाएं चल रही हैं, उन्हें पहले पैसा दिया जाएगा। अगर कोई मंत्रालय अपनी किसी योजना में 10% से ज्यादा का बदलाव करना चाहता है, तो उसे इसका कारण बताना होगा।
कमाई और छूट का भी रखा जाएगा हिसाब
बजट में सिर्फ खर्च ही नहीं, बल्कि सरकार की कमाई का भी हिसाब रखा जाता है। सरकार यह देखेगी कि उसे टैक्स और अन्य जरियों (जैसे फीस या सरकारी सेवाओं के चार्ज) से कितना पैसा मिलने वाला है। जो सरकारी संस्थाएं सेवाएं देती हैं, उनसे कहा गया है कि वे सही चार्ज लें ताकि सरकार को नुकसान न हो। इसके अलावा, गरीबों और किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी (छूट) का भी पूरा हिसाब तैयार किया जाएगा।
तारीखें हैं बहुत जरूरी
बजट बनाने का काम अलग-अलग चरणों में होता है और इसके लिए खास तारीखें तय की गई हैं:-
- 15 अक्टूबर तक टैक्स से होने वाली कमाई का अंदाजा लगाया जाएगा।
- 6 नवंबर तक देश के वित्तीय नियमों से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
- विभागों के साथ बैठक खत्म होने के 7 दिनों के भीतर उन्हें पूरा डेटा ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज करना होगा।
दिसंबर में तय होगी पैसों की आखिरी सीमा
शुरुआती बैठकों के बाद वित्त मंत्रालय सभी विभागों को एक अंदाजा देगा कि उन्हें कितना पैसा मिल सकता है। फिर दिसंबर 2026 के अंत या जनवरी 2027 की शुरुआत में यह पक्का कर दिया जाएगा कि किस विभाग को कितना बजट मिलेगा। जब एक बार यह सीमा तय हो जाएगी, तो उसके बाद कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा ताकि काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
संसद में पेश होगा देश का बजट
जब सारे मंत्रालयों के पैसों का हिसाब पक्का हो जाएगा, तब बजट की बड़ी-बड़ी किताबें और दस्तावेज छापे जाएंगे। इनमें यह लिखा होगा कि किस काम के लिए कितना पैसा खर्च होगा और वह पैसा कहां से आएगा। इसके बाद, सरकार इस पूरे बजट को देश की संसद के सामने पेश करेगी। संसद में सभी सांसद इस पर चर्चा करेंगे और मंजूरी देंगे। इस तरह महीनों की कड़ी मेहनत के बाद पूरे देश के लिए नया बजट बनकर तैयार होता है।
