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Vibhajan Vibhishika Diwas 2026: 14 अगस्त को क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, जानें इस दिन का महत्व और इतिहास

Vibhajan Vibhishika Diwas 2026 Kya Hai: 15 अगस्त से एक दिन पहले यानी 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाया जाता है। यह दिन साल 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और मानवीय पीड़ा को याद करने के लिए समर्पित है।

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Vibhajan Vibhishika Diwas 2026: 14 अगस्त को क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका दिवस

Vibhajan Vibhishika Diwas 2026 Kya Hai: भारतवर्ष में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले विभाजन विभीषिका दिवस (Vibhajan Vibhishika Diwas 2026) मनाते हैं। 15 अगस्त 1947 की आधी रात भारत और पाकिस्तान कानूनी तौर पर दो राष्ट्र बने, पाकिस्तान के सत्ता परिवर्तन की रस्में कराची में की गई और भारत की राजधानी दिल्ली (Vibhajan Vibhishika Smriti Diwas) में हुई। देश के इस विभाजन से करोड़ों लोग प्रभावित हुए। सरकारी आंकड़ो के मुताबिक करीब डेढ़ करोड़ परिवार अपना घर, परिवार और जमीन गंवाकर रिफ्यूजी बन गए। वहीं इस दौरान हुई हिंसा में करीब 10 लाख लोग मारे गए। 55 हजार हिंदू और सिख महिलाओं का अपहरण कर लिया गया। यह दिन भारतीय इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज है।

साल 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भूतकाल की गलतियों से सीख लेने के लिए 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन साल 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और मानवीय पीड़ा को याद करने के लिए समर्पित है। ऐसे में यहां आप विभाजन विभीषिका दिवस का महत्व और इतिहास जान सकते हैं।

14 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका दिवस

साल 1947 में ब्रिटिश शासन से भारत को आजादी मिलने के साथ ही देश का विभाजन हुआ। भारत और पाकिस्तान दो अलग-अलग राष्ट्र बने। विभाजन के दौरान धार्मिक आधार पर बड़े पैमाने पर लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा। लाखों परिवार घर से बेघर हो गए, हजारों महिलाओं का अपहरण कर लिया गया। इस दर्दनाक त्रासदी को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य भूतकाल की गलतियों से सीख लेना व भविष्य में इस तरह की घटनाएं कभी न हों इसके लिए लोगों को जागरूक करना है।

आपसी विश्वास और शांति को मजबूत करना

यह दिवस सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देता है। अतीत की हिंसा और कटु अनुभवों से सीख लेकर समाज में आपसी विश्वास और शांति को मजबूत करना इसकी महत्वपूर्ण भावना है। सरकार भी इस अवसर पर विभाजन की त्रासदी से जुड़ी स्मृतियों और घटनाओं को सामने लाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करती रही है।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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